कार्रवाई. स्टेशन चौक से छावनी तक की अतिक्रमित जगह हुई खाली
एनएच 28 बी यानी स्टेशन चौक से छावनी तक अतिक्रमण हटाया गया. इस दौरान शेड, सीढ़ियां टूटीं, तो पत्थर, बालू, ठेला व वाहनों को हटाया गया. अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन व पुलिस चुस्त-दुरुस्त दिखी. प्रशासनिक तैयारी के सामने अतिक्रमणकारियों की नहीं चली. हालांकि इस दौरान काफी अफरा-तफरी दिखी.
बेतिया : शहर के स्टेशन चौक से छावनी होकर गुजरने वाली एनएच-28 बी सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण करने वालों के लिए बुधवार की दिन सामत भरा रहा. सुबह से ही अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक डंडा चला.
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी तरह की बाधा नहीं आये, इसको लेकर प्रशासनिक तैयारियां काफी चुस्त-दुरुस्त दिखी. जिससे अतिक्रमणकारियों की एक नहीं चली. इसको लेकर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का आलम रहा. इस दौरान कहीं शेड व सीढ़ियां टूटी.वहीं सड़कों के दोनों तरफ लगे ठेले, पत्थर, बालू व वाहनों को हटाया गया.
दिखानी पड़ी सख्ती : इतना ही नहीं अस्थाई रूप से सड़क किनारे बनाये गए झोंपड़ी व गुमटियों को भी हटाया गया. इस क्रम में प्रशासन की ओर से जेसीबी का भी प्रयोग किया गया. हालांकि कहीं-कहीं प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्ती भी दिखानी पड़ी. इस दौरान सदर सीओ अमोद कुमार, सिटी मैनेजर मोजिबुल हसन, जेई सुजय सुमन, दारोगा रामगुलाम सहित भारी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे.
अरे जल्दी कर, आ रहा है जेसीबी
अरे, जल्दी-जल्दी कर जेसीबी आ रहा है. नहीं हटाया तो जेसीबी तोड़ देगा. सड़क के किनारे दुकान, ठेला व गुमटी लगाये दुकानदारों की हालत खराब थी, वे जैसे-तैसे अपने-अपने समानों को सममेटने में लगे थे. ताकि किसी तरह के नुकासन उनको नहीं हो. हालांकि प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटवाने गये लोगों ने भी समान हटाने के लिए अतिक्रमणकारियों को राहत भी दिया.
कई वर्ष के बाद स्टेशन चौक से छावनी से होकर गुजरने वाली एनएच-28 बी बदला-बदला दिखा. आमतौर पर जाम वाहनों के साइड लेने के दौरान समस्या नहीं दिखी. वहीं जाम से त्रस्त इस सड़क पर कहीं पहली बार बुधवार को जाम नहीं लगी. जिससे आम लोगों ने राहत की सांस ली. वहीं सड़क की हालत पहली बार बेहतर दिखी.
काश! पहले हुई रहती कार्रवाई, तो…
काश! प्रशासन पहले एनएच-28 बी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती,तो शायद स्टेशन चौक से छावनी जाने के दौरान आमलोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. साथ ही आए दिन लगने वाली जाम की समस्या से लोगों को नहीं जूझना पड़ता. इतना ही आये दिन होने वाली दुर्घटनाएं भी नहीं होती. हालांकि देर से ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से काफी राहत मिलेगा.
