गौनाहा(बेतिया) : हरपुर की जिन गलियों में कल तक खुशियों का माहौल था. वहां आज अजीब सा सन्नाटा पसरा दिखा. पूरा इलाका गमगीन था. लोगों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़े थे.
रह-रह कर सिसकियों की आवाज से सन्नाटा टूट रहा था. गांव के उत्तर छोर पर स्थित नर्वदा साह के घर कुछ लोग जुटे थे. इनका इकलौता बेटा नीतीश पटना नाव हादसे का शिकार हो चुका था. घर पर सन्नाटा था. नर्वदा अपने बेटे की लाश लेने पटना गये थे. बेसुध पड़ी मां रभा देवी को लोगों ने उनके मायके पहुंचा दिया था. इकलौते बेटे की मौत से पूरा परिवार जहां टूट गया था, वहीं गांव के लोगों को भी इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया.
ग्रामीणों ने बताया कि, नर्वदा साह के चार संतानों में 18 साल का नीतीश इकलौता बेटा था. वह नरकटियागंज स्थित टीपी वर्मा कॉलेज आईएसी के फाइनल वर्ष का छात्र था और पटना के बाजार समिति के पास दो साल से रहकर तैयारी करता था. किसानी के बूते पिता नर्वदा उसे इंजीनियर बनाना चाहते थे. लिहाजा वह पटना में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी करता था. बीते शुक्रवार को वह अपने साथियों के साथ नौका विहार करने गंगा नदी गया था. इस दौरान हुए हादसे में उसकी भी मौत हो गयी.
नाव हादसे में मरे लोगों में गौनाहा के हरपुर के नर्वदा का इकलौता बेटा नीतीश भी था शामिल, खबर सुन गांव में मचा कोहराम
नरकटियागंज के टीपी वर्मा कॉलेज में 12वीं का छात्र था नीतीश, पटना में रह कर इंजीनियरिंग की करता था तैयारी
तीन बहनों में इकलौता भाई था, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, पूरा इलाका गमगीन
गांव में कोहराम: पटना प्रशासन की ओर से नर्वदा के परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो एक झटके में बेटे को इंजीनीयर बनाने के सारे सपने टूट गये. पूरा परिवार बिलख पड़ा. ग्रामीणों के साथ पिता नर्वदा बेटे की लाश लेने पटना की ओर निकल पड़े तो मां रंभा देवी को लोगों ने उनके मायके मंझरिया पहुंचा दिया. घर पर मौजूद नीतीश की दादी शारदा का रोते-रोते हाल बुरा है. वह छाती पीटते कहती है कि हमरा लाल के कहां ले गईल हो भगवान. ग्रामीणों ने बताया कि नीतीश की तीन बहनों की शादी हो चुकी है. छोटी बहन आशा की शादी अभी नहीं हुई है. इधर, शाम नीतीश का शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया.
