समय पर नहीं मिल रही मशीन
बेतिया़ : भले ही मांगों के मुताबिक बैंकों की ओर से स्वाइप मशीनें समय से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, लेकिन अब बैंकों की ओर से कैशलेस सोसायटी पर जोर देना शुरू कर दिया गया है. सरकार और आरबीआइ की ओर से कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए जागरुकता कार्यक्रमों के आयोजनों के निर्देश जारी किये […]
बेतिया़ : भले ही मांगों के मुताबिक बैंकों की ओर से स्वाइप मशीनें समय से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, लेकिन अब बैंकों की ओर से कैशलेस सोसायटी पर जोर देना शुरू कर दिया गया है.
सरकार और आरबीआइ की ओर से कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए जागरुकता कार्यक्रमों के आयोजनों के निर्देश जारी किये जा रहे हैं. विभिन्न विज्ञापनों के माध्यम से भी इसे अपनाने की अपील की जा रही है. इधर, बेतिया में स्वाइप मशीनों को लेकर बैंक की ओर से तीन विकल्प दिये जा रहे हैं.
तीन विकल्प
1. डेस्क टॉप जीपीआरएस: यह स्वाइप मशीन बिजली से चलेंगी. एसबीआइ के आरएम अरुण कुमार ने बताया कि इस स्वाइप मशीन का प्रयोग शापिंग मॉल, दुकान, स्कूल, कॉलेज में हो सकता है. इसके लिए सर्विस चार्ज के संग ही प्रति माह 220 रुपये शुल्क देना होगा.
2. पोर्टेबल जीपीआरएस : बस, पेट्रोल पंप, मंडी की खुदरा दुकानें, फुटपाथ अन्य जगहों पर कैशलेस ट्राजेक्शन को लेकर पोर्टेबल जीपीआरएस स्वाइप मशीने लगाई जा सकती है. आरएम ने बताया कि सर्विस चार्ज के संग ही प्रति माह 400 रुपये शुल्क देना होगा.
3. मोबाइल पॉस: डोर टू डोर कलेक्शन मसलन एलपीजी सिलिंडर, दूध विक्रेता, सब्जी विक्रेता इस मोबाइल पॉस स्वाइप मशीन का प्रयोग कर सकेंगे. इसके लिए सर्विस चार्ज के संग ही प्रति माह 150 रुपये शुल्क देना होगा.