परेशानी. सड़कों पर घुटने भर से अिधक जमा पानी
झमाझम बारिश झील बना शहर
बारिश में िगरा पेड़.
बेतिया : शहर में रात भर की बारिश से बेतिया नगर परिषद की पोल खुल गई है। बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भर जाने से लोग घर में फंसे हुए है. जिसमें नया टोला, थाना रोड, अस्पताल रोड, मीना बाजार, लालबाजार, भोला बाबू कालोनी, शांतिनगर, सहित कई मुहल्लों में पानी भर गया है। पानी भर जाने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे घर में फंसे रह गए है, साथ ही बेतिया शहर के सभी बड़े नालों में पानी लबालब होने से घरों में पानी घुस गया है. मंगलवार की रात आसपास के क्षेत्र में खूब बरसात हुई. बारिश से जहां किसानों में खुशी है वहीं इस बारिश ने नगर प्रशासन के पानी निकासी की भी पोल खोल कर रख दी है.
देर रात से लगातार तेज बरसात हुई. जिससे शहर के प्राय: सभी मुहल्ले पानी से लबालब भर गये. कई नये इलाको में भी पानी घरो में प्रवेश कर गया. शहर में पिछले कई वषोंर् सबसे बड़ी समस्या भी पानी निकासी है. जिसको लेकर बेतियावासी हमेशा प्रयासरत रहे है. मंगलवार से लेकर बुधवार सुबह तक हुई बारिश ने नगर परिषद के दावों की पोल खोल रख दी है। मानसून के पूर्व नगर परिषद को सभी नालों की सफाई के साथ साथ गंद्गी और मलबे को समेटना था लेकिन 15 जून के पहले न तो नालों की सफाई की गई और
न ही मलबे को अलग किया गया.जबकि इन नालों की सफाई के लिए प्रशासन ने जून के पहले ही हफ्ते में साफ सफाई के निर्देश जारी कर दिए थे. मानसून के पूर्व नगर परिषद को सभी नालों की सफाई करनी थी पर सफाई अभियान चलने से पूर्व ही नगर परिषद का अमला अतिक्रमण की कार्रवाई का बहाना बनाकर ऐसा उलझा कि उसे सफाई की सुध ही नहीं रही. 15 जून नाले की सफाई करने की अंतिम तिथि थी,बावजूद इसके अब तक यहां सफाई पूरी नहीं हो सकी है।
कुछेक इलाको में नाला उड़ाही का काम तो चला लेकिन नगर परिषद कर्मियों ने नाले से निकाले गये कचरे को दूर कही ले जाना मुनासिब नहीं समझा जिसके कारण निकाले गये कचरे फिर नाले में ही बहकर चले गये. बस स्टैंण्ड, मीना बाजार, लालबाजार, नगर भवन अस्पताल रोड आदि मुख्य सड़कों पर घुटने से ज्यादा पानी बह रहा था.
सरकारी दफ्तर से हाकिमों के आवास तक बारिश पानी ही पानी
डीआईजी कार्यालय, समाहरणालय, एसपी कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, बैंक सहित सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में बारिश का पानी घुस गया है. इतना हीं डीआईजी, डीएम सहित कई अलाधिकारियों के आवास में भी बारिश के पानी के कारण तलाब जैसा नाजारा रहा. इतना हीं नहीं भोलाबाबू कॉलोनी के अधिकांश घरों में बारिश का पानी घुस गया. जिसके कारण लोगों को होटलों में रात गुजारनी पड़ी.
कई मुहल्लों के
लोगों को पानी के कारण होटलों में गुजारनी पड़ी रात
सभी बड़े नालों के भर जाने के कारण दर्जनों घरों में घुसा पानी, कई नये इलाके जलजमाव की िगरफ्त में
