दो लाख का लगाया अर्थदण्ड
मात्र तीन वर्षों में एडीजे षष्टम ने सुनाया फैसला
बेतिया : चरस तस्करी केएकमामले की सुनवाई पुरी करते हुए षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश पति तिवारी ने दंपति समेत चार चरस तस्करो को दोषी पाते हुए उन्हें दस दस वर्ष के कठोर कारावास एवं दो दो लाख अर्थदण्ड की सजा सुनायी है. अर्थदण्ड का भुगतान नही करने पर उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
सजाप्राप्त चरस तस्कर सुरेश गिरी व मीरा देवी पति पत्नी , प्रभु गिरी व निर्मला देवी सिरिसिया ओपी थाना के बाड़ी प?ी के रहनेवाले है. एनडीपीएस मामले के विशेष लोक अभियोजक अब्दुल हई अख्तर ने बताया कि 8 अप्रैल 2013 को चनपटिया थानाध्यक्ष ने गुप्त सूचना के आधार पर अपने सहयोगी पुलिस कर्मियो के साथ लौरिया बेतिया पथ में रामजी चौक के समीप से दो महिला व दो पुरुष को संदिग्ध अवस्था में देखा. पुलिस बल को देखकर चारो भागने लगे.
पुलिस के जवानों ने खदेड़कर चारो को पकड़ा तलाशी के दौरान चारो के पास से झोला में रखा 12 किलो 500 ग्राम चरस बरामद किया. इस संबंध में चारो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया . जिसकी सूनवाई करते हुए न्यायाधीश ने चरस तस्करी के मामले में दंपति समेत चारो को दोषी पाकर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओ के अंतर्गत दस दस वर्ष की कठोर कारावास व दो दो लाख जुर्माना लगाया.
