2014 में एसएसबी ने नरकटियागंज में नेपाली चरस के साथ तस्कर को किया था गिरफ्तार
तस्करों के पास से 31 पैकेट में रखी साढ़े पन्द्रह किलोग्राम चरस हुई थी बरामद
तस्करी के मामले में मात्र दो वर्ष में न्यायालय ने सुनाया फैसला
बेतिया : चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए षष्ट्म अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेशपति तिवारी ने एक नेपाली चरस तस्कर को दोषी पाते हुए उसे दस वर्ष कठोर करावास तथा तीन लाख रूपया अर्थदंड की सजा सुनाया है. सजायाफ्ता तस्कर रामजी प्रसाद परसा जिला
विशेष लोक अभियोजक अब्दुल हई अख्तर ने बताया कि 3 अगस्त 2014 को गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी के जवानों ने नाका लाया गया था.लौरिया रोड़ की तरफ से बाइक पर सवार दो व्यक्ति नरकटियागंज हदिया चौक पर पहुंचे. एसएसबी के जवानों ने उन्हें रूकने का इशारा किया. लेकिन वे भागने लगे. जवानों ने खदेड़ कर उन्हें आइओडब्लू ऑफिस रेलवे स्टेशन नरकटियागंज के सामने पकड़ा.
तलाशी के दौरान उनके पास से बैग में रखा 31 पैकेट, वजन 15 किलो 500 ग्राम नेपाली चरस बरामद कर लिया. इस संबंध में नरकटियागंज रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इसी मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तस्कर को एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी पाते हुए यह सजा सुनाया है.
