बेतिया : जिलाधिकारी डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना की कार्य प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी.
डीएम ने कहा कि स्पष्टीकरण के बावजूद जिन ग्राम पंचायतों की ओर से अनियमितता को दूर नहीं किया गया है, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी. जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल एवं गली-नाली पक्कीकरण योजना के तहत जिन ग्राम पंचायत, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के द्वारा अपने से कार्य नहीं करके ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से कार्य करायी जा रही है, उनको चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है.
जांच में ऐसे पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव एवं संबंधित वार्ड के वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव सहित संबंधित संवेदक पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कार्रवाई की जायेगी. बैठक में जिले के सभी प्रखंडों की कार्यप्रगति की बारी-बारी से समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने उक्त दोनों योजनाओं की मापीपुस्त शीघ्र कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि मापी पुस्त के संधारण के पश्चात वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के खाते में बचे अवशेष राशि को अविलंब ग्राम पंचायत के खाते में वापस किया जाय. जिलाधिकारी, डॉ. देवरे ने कहा कि जिले में क्रियान्वित पेयजल निश्चय योजना एवं गली-नाली पक्कीकरण योजनाओं की जांच प्रत्येक बुधवार को वरीय प्रभारी पदाधिाकरियों एवं तकनीकी पदाधिकारियों द्वारा टीम गठित कर करायी जा रही है.
जांच दल द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर मुखिया, पंचायत सचिव, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव पर कार्रवाई भी की गयी है. उन्होंने कहा कि उक्त दोनों योजनाओं में बरती गयी अनियमितता का अनुपालन जिस-जिस ग्राम पंचायत, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा पूर्ण कर लिया गया है. वैसे ग्राम पंचायत, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के खाता पर लगे रोक को शीघ्र हटा लिया जायेगा.
