मेडिकल कॉलेज में पांच घंटे तक ठप रही सेवा
बेतिया : जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे. हड़ताल के दौरान मेडिकल छात्र-छात्राओं ने ओपीडी में ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठ गये. जिससे ओपीडी कार्य बाधित हो गई. चिकित्सकों के हड़ताल की वजह से करीब 5 घंटे ओपीडी सेवा बाधित रही. अधीक्षक डॉ. डीके सिंह के पहल पर करीब 12 बजे मेडिकल छात्र-छात्राओं ने अपना धरना स्थगित किया और ओपीडी सेवा बहाल हो गई.
नाराज मेडिकल छात्र-छात्राओं ने कहा कि सरकार के अड़ियल रवैया की वजह से वें हड़ताल पर जाने को बाध्य हुए है. वें भी ओपीडी एवं अन्य सेवाओं को बाधित नहीं करना चाहते है, लेकिन उनकी मजबूरी है. जेडीए के डॉ गौरव सत्यार्थी, डॉ नलनी रंजन, डॉ अशोक कुमार ने बताया कि उनकी मांग जायज है. सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद आंदोलन को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे.
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की मांग : जिस मांग को लेकर जूनियर डाक्टर एसोसिएशन ने सोमवार को आंदोलन किया. ओपीडी सेवा बाधित कर करीब पांच घंटे हड़ताल पर रहे. उन मांगों में 2016 एवं 2018 बैच के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन करने, आईजीआईएमएस के तर्ज पर पीजी के स्टाइपन को 50, 55 एवं 60 हजार से बढ़ाकर 80, 85 एवं करने, राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज से पीजी उर्तीण होने वाले छात्र-छात्राओं को राज्य में तीन वर्षों की अनिवार्य सेवा देने के प्रावधान के तहत उक्त अवधि में सीनियर रेजिडेंट के रूप में पदस्थापित करने, सीनियर रेजिडेंट का प्रमाण पत्र निर्गत करने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में ही पदस्थापित करने, सीनियर रेजिडेंट के घोषणा की उम्र सीमा 37 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने सहित कुल आठ मांग शामिल है.
मरीज रहे बेहाल : ओपीडी ठप होने से मरीज बेहाल रहे. तमाम बिना इलाज वापस लौट गए. नौतन खाप टोला निवासी लाइची खातून, नवका टोला निवासी रामज्ञा प्रसाद, बुची देवी आदि ने बताया कि वे विभिन्न बीमारियों से ग्रसित है. किसी को सांस की तकलीफ है तो, किसी को पेट की समस्या. नतीजतन वे सभी ओपीडी चिकित्सक से अपनी बीमारी को दिखाने व परामर्श लेने आए थे.
