पौष्टिक आहार के लिए सरकार से मिलेंगे प्रतिमाह पांच सौ रुपये
बेतिया : एसीएमओ सह जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि टीबी का रोग अब घातक एवं जानलेवा नहीं रह जाएगा. सरकारी अथवा निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की जांच में टीबी साबित होने पर किसी भी दवा दुकान से मुफ्त में दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सरकार ने की है.
वे मंगलवार को यक्ष्मा कार्यालय के सभागार में औषधि निरीक्षकों के साथ हो रही बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि अब टीबी रोग के इलाज करने वाले निजी डॉक्टरों द्वारा मरीजों का नोटिफिकेशन करना पड़ेगा. ताकि इससे मरीजों को समुचित इलाज व सरकारी फायदा मिल सके. इसके साथ ही साथ निजी क्लीनिक दवा दुकान व पैथोलॉजी सेंटर पर टीबी की दवा सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी.
इसके लिए विभाग से सभी जगहों पर बैनर व रजिस्टर दिया जाएगा.
ताकि जांच से लेकर दवा तक मरीजों का आंकड़ा अंकित किया जा सके. डॉक्टर एवं दवा दुकानदार मरीजों का आधार नम्बर व मोबाइल नंबर रजिस्टर में अंकित करेंगे. इससे उन मरीजों का समुचित इलाज किया जा सके. डॉ सिन्हा ने बताया कि अब टीवी के मरीजों को सरकार के द्वारा प्रतिमाह पांच सौ रुपये पौष्टिक आहार के लिए दिया जा रहा है.
ताकि समुचित इलाज कर देश को टीबी मुक्त बनाया जा सके. बैठक में औषधि निरीक्षक शहरी नीरज कुमार मानस, ग्रामीण अशोक कुमार, नरकटियागंज अनुमंडल के प्रदीप कुमार व बगहा के अविनाश पटेल, रामाधार प्रसाद, सूरज साह, रंजन कुमार आदि स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
