बेतिया : बेतिया मंडलकारा में बंद अभियुक्तों को न्यायालय में उपस्थित नहीं कराने के तीन अलग-अलग मामलों में षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश पति तिवारी ने गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है और मंडलकारा अधीक्षक से तीनों मामलों में अलग-अलग स्पष्टीकरण मांगा है.
पहला मामला मझौलिया थाना कांड संख्या 99/10 के काराधीन अभियुक्त ओझा मठिया निवासी राजकुमार महतो को मंडलकारा अधीक्षक ने निश्चित तिथि पर पेशी के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं कराया. इससे इस कांड का निष्पादन नहीं हो सका. वही दूसरा मामला श्रीनगर 70/08 के अभियुक्त बगही बघंबरपुर निवासी मोहन साह को भी न्यायालय में पेशी नहीं कराये. इस मामले में भी आरोप का गठन नहीं हो सका.
वहीं एक अन्य तीसरे मामले में मैनाटांड़ लगड़ी बष्ठा के रेयाज अहमद को भी न्यायालय में निधारित तिथि पर उपस्थित नहीं कराया गया. इससे इस कांड की अग्रेतर सुनवाई बाधित हो गयी.
न्यायालय ने मंडलकारा अधीक्षक के इस रवैये को कर्त्तव्य में लापरवाही एवं न्यायालय के आदेश के अवमानना का मामला माना है और बेतिया मंडलकारा के अधीक्षक से स्पष्टीकरण की मांग की है. न्यायालय ने उनसे पूछा है कि किस परिस्थिति में तीनों अभियुक्तों को उपस्थित नहीं कराया गया.
