बेतिया : मोतिहारी के व्यवसायी अमित कुमार का अपहरण के बाद हत्या करने के चार माह बाद हत्या की असली वजहों और गुनाहगारों का खुलासा हो गया है.
पुलिस की चार्जशीट की मानें तो अमित की हत्या उसके रक्सौल स्थित कीमती जमीन को लेकर की गयी थी. इसमें कोई और नहीं, बल्कि अमित का चचेरा ससुर केसरिया के रघुनाथपुर निवासी पप्पू जी उर्फ राजीव कुमार व इसके एक साथी रोजोपुर थाना के सलेमपुर निवासी चंदन कुमार ने भाड़े के अपराधियों से मिल पहले अमित का अपहरण कराया और फिर उसकी हत्या करा दी. कांड के अनुसंधानकर्त्ता नगर थाना के दारोगा धर्मजीत महतो ने कोर्ट में आठ अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
इसमें दोनों शिवहर के पिपराही थाना अन्तर्गत बैरिया गणेशपुर गांव के अंजली सिंह, लालबाबू सिंह, बेतिया शहर के नौरंगाबाग के मुनीलाल साह, उतरवारी पोखरा के ननकी उर्फ अनूप, परवतिया टोला के अविनाश कुमार, नाजनी चौक के जाकिर अली, सलेमपुरके चंदन कुमार, चईलाभार मझौलिया के चक्की पांडेय के खिलाफ कोर्ट में हत्या अपहरण की धारा के तहत आरोप पत्र समर्पित कर दिया है. 28 नवंबर 2017 को व्यवसायी को अपराधियों ने एक साजिश के तहत बेतिया बुला लिया. उसे बस स्टैंड के समीप से अगवा कर नौरंगाबाग में मुनीलाल के घर पर रखा गया. ननकी उर्फ अनूप, कन्हैया कुमार (इलमराम चौक) तथा गोलू कुमार (समाहरणालय चौक) ने नशे का इंजेक्शन दे बेहोश कर दिया. उसके बाद अमित को बेहोशी की हालत में अपराधी गंडक के किनारे ले गये. वहां उसकी हत्या कर शव को गंडक नदी में फेंक दिया गया.
चार्जशीट
चर्चित अमित अपहरणकांड के चार माह बाद पुलिस चार्जशीट से मामले का हुआ खुलासा, चचेरे ससुर की मिली संलिप्तता
28 नवंबर को न्यू बस स्टैंड से मोतिहारी के व्यवसायी अमित हुए थे अगवा, नहीं मिली है अभी तक लाश
पुलिस ने चचेरे ससुर सहित आठ अपराधियों के खिलाफ आरोप पत्र किया समर्पित
कॉल डिटेल्स बना सुराग: मामले का उद्भेन तब हुआ जब अमित को बुलाने में प्रयुक्त मोबाइल 7250865055 के कॉल डिटेल्स के आधार पर अंजली सिंह व लालबाबू सिंह को गिरफ्तार किया गया. इनकी निशानदेही पर चंकी पांडेय पकड़ा गया. पूछताछ में इन लोगों ने खुलासा किया कि उसकी हत्या कर दी गयी है. मृतक के मोबाइल का टॉवर लोकेशन शाही टोला भितहां तक था. उसके बाद उसका मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया. छानबीन में पुलिस को सुराग मिला है कि इस हत्या कांड में मृतक के चचेरे ससुर पप्पू उर्फ राजीव की भी संलिप्तता थी.
रक्सौल की के एक कीमती जमीन को लेकर इन लोगों ने षडयंत्र के तहत बेतिया के अपराधियों से संपर्क किया था.
