वीटीआर में घुसे सात दर्जन से अधिक हथियारबंद नक्सली

बेतिया : वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व क्षेत्र (वीटीआर) में इन दिनों नक्सलियों की चहल-कदमी बढ़ गयी है. नक्सलियों की संख्या 80 से 90 बतायी जा रही है. इसमें महिला नक्सलियों की भी अच्छी-खासी तादाद है. नक्सली अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं. खुफिया सूचना के अनुसार, वे अभी भी वीटीआर के जंगलों में भ्रमण कर रहे हैं. […]

बेतिया : वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व क्षेत्र (वीटीआर) में इन दिनों नक्सलियों की चहल-कदमी बढ़ गयी है. नक्सलियों की संख्या 80 से 90 बतायी जा रही है. इसमें महिला नक्सलियों की भी अच्छी-खासी तादाद है. नक्सली अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं. खुफिया सूचना के अनुसार, वे अभी भी वीटीआर के जंगलों में भ्रमण कर रहे हैं. इससे जंगल के आस-पास के गांवों में रह रहे ग्रामीणों में दहशत है.

वाल्मीकिनगर
वीटीआर में घुसे
के वन संरक्षक सह क्षेत्रीय निदेशक (भारतीय वन सेवा) एस चंद्रशेखर की ओर से डीएम व वरीय पुलिस अधिकारियों के लिखे पत्र से इसकी पुष्टि हुई है. बीटीआर में नक्सलियों के आने की सूचना पर पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया है. इससे वन क्षेत्र के अधिकारियों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है. उनमें त्राहिमाम की स्थिति है.
अत्याधुनिक हथियार से लैस हैं सभी, नक्सलियों की महिला दस्ता भी है शामिल
वन संरक्षक ने डीआइजी, डीएम व एसपी को पत्र लिख सुरक्षा
मुहैया कराने की मांग
की
पूर्व में भी हो चुकी है कई वारदात
पूर्व में भी नक्सली बीटीआर में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. 2006 में बाल्मीकि नगर व्याघ्र आरक्ष के चिंउटाहा वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत जिमरी में वन परिसर के सरकारी आवास को उग्रवादियों ने विस्फोट कर उड़ा दिया था. पिछले वर्ष 30 सितंबर को गनौली वन प्रक्षेत्र में मनोर एंटी पोचिंग कैंप में तैनात एक कर्मी पर हमला कर उग्रवादियों ने उसके दोनों हाथ तोड़ दिए थे. उग्रवादियों ने वहां वन विभाग के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर भी चिपकाया था. उग्रवादियों ने 2011 में गोबरहिया पुलिस थाना अंतर्गत बनकटवा दोन में तत्कालीन वन प्रमंडल पदाधिकारी सह उप निदेशक वाल्मीकि नगर व्याघ्र आरक्ष प्रमंडल एक पर जानलेवा हमला किया था. उनके हथियार को भी छीन लिये थे व सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था.
वन्यजीवों पर भी खतरा
नक्सलियों से उत्पन्न खतरे से बचने के लिए वन संरक्षक ने डीएम-एसपी व डीआईजी को पत्र लिख कर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है. उग्रवादियों व नक्सलियों के वन में भ्रमण करने से वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है. पहले भी भारत-नेपाल सीमा से सटे रहने के कारण पड़ोसी देश नेपाल से अंतरराष्ट्रीय गिरोह के हथियारों से लैस अपराधियों व शिकारियों की गतिविधि वीटीआर में होती रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >