डीएम ने कार्यों में उदासीनता व अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर गठित किया प्रपत्र ‘क’
बेतिया : बिना सूचना कार्य क्षेत्र से प्राय: गायब रहने के मामले में मधुबनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी पर कार्रवाई की गाज गिरी है. जिलाधिकारी डाॅ निलेश रामचन्द्र देवरे ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से गायब रहने वाले चिकित्सा प्रभारी के वेतन पर रोक लगा दिया है व प्रपत्र क गठित किया है.
मधुबनी पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी पर यह कार्रवाई उनके प्राय: अनुपस्थित रहने, सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने एवं अनधिकृत रुप से अनुपस्थित दिनों का बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के वेतन निकासी करने के मामले में की गयी है. यहां बता दें कि सिविल सर्जन डाॅ अनिल कुमार सिहा ने बताया कि वर्ष 2016 में सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान मधुबनी पीएचसी में व्याप्त कुव्यवस्था पायी गयी थी. चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ सुधांशु कुमार वर्मा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा था.
निरीक्षण के दौरान कई गड़बड़ी सामने आयी थी. जिसमें राष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफल संचालन का अभाव, अपने मुख्यालय मधुबनी से प्राय: गायब रहना, अनेक निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाना, अनधिकृत रुप से अनुपस्थित दिनों का बिना वरीय पदाधिकारियों के स्वीकृत्यादेश के अपने पद का दुरुपयोग कर वेतन निकासी करना आदि पाया गया था.
निरीक्षण के बाद सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अरुण कुमार सिंहा, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाॅ अवधेश कुमार सिंह को मामले में संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया था. जांच प्रतिवेदन के आधार पर उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर सरकार को भेजा गया है.
