बेतिया : दीपावली को ले घर से लेकर दुकान तक विशेष साज-सज्जा होती है़ इसी को लेकर बाजार में मंगलवार को विशेष रौनक के साथ चहल-पहल देखी गयी. प्राकृतिक फूलों के साथ ही बाजार में कृत्रिम फूलों की भरमार ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहा है. यह निश्चित तौर पर परम्परागत फूलों से सुंदर दिखाई दे रहा है। शहर की प्रमुख दुकानों पर सबसे ज्यादा कृत्रिम फूलों की बिक्री हो रही है. यह आम लोगों को अपने ओर आकर्षित कर रहा है.
मिट्टी के दीये भी बाजार में :
अमूमन मिट्टी के बने बर्तन का उपयोग पवित्रता को ध्यान में रखकर दीपावली में होता है. यही वजह है कि बेटियां जो घरौंदा भरने के लिए कुलिया-चुकिया का उपयोग करती हैं, उनके लिए मिट्टी का बर्तन तैयार किया गया है.
मिट्टी के बने बर्तन का सेट 150 रुपये में बिक रहा है. वहीं दीया की बात करें तो छोटी दीया 70 से 100 रुपये एवं बड़ा दीया 100से 120 रुपये सैकड़े की दर से बेचा जा रहा है. विक्रेता परमा पंडि़त कहते हैं कि यह व्यवसाय पुस्तैनी है. पुस्तैनी व्यवसाय को कोई सरकारी मदद नहीं मिलती है. उधार लेकर हम बर्तन बनाते हैं.दीपावली में इन बर्तन को बेचकर कुछ पैसा जमा कर लेते हैं.
कृत्रिम फूलों और फलों की मांग बढ़ी : अगर आप सोच रहे हैं कि आपका घर दीपावली में सुंदर दिखे, तो इसके लिए यहां के दुकानदारों ने पश्चिम बंगाल से कृत्रिम फूलों का आकर्षक मेल मंगाया है. यहां के जंगी मस्जिद, लालबाजार, मीना बाजार , चर्च रोड में स्थित दुकानों में बिक्री के लिए रखा गया है. बंगाल से मंगाए कृत्रिम फूल थोड़े महंगे जरूर हैं. कृत्रिम फूलों का सेट 300 रुपये से शुरु है, जो 3000 रुपये तक उपलब्ध है. पोस्टर, रंगोली भी मंगाई गई है.
बदलते परिवेश में बहुत लोग रंगोली का पोस्टर: दीपावली में ऐसा देखा जाता है कि घर के प्रत्येक कोने में प्रकाश फैलाया जाता है। कोई मोमबत्ती से तो दीया से प्रकाश फैलाने की व्यवस्था करते हैं, लेकिन घर के डायनिंग रुम में खूशबू फैलाने के लिए सोच रहे हैं, तो निश्चित तौर पर खुशबूदार मोमबत्ती लगाए हैं. पानी में तैरने वाली मोमबत्ती भी बाजार में उपलब्ध है. जो साधारण मोमबत्ती से महंगी है. खुशबूदार मोमबत्ती 30 से लेकर 300 रुपये प्रति पीस की दर बिक रही है.
खूब बिक रहेे चाइनीज झालर
सोशल मीडिया पर व्याप्त विरोध के बावजूद शहर के विभिन्न दुकानों में चाइनीज झालर की बिक्री खूब हो रही है. दुकानदार पवन कुमार बताते हैं कि हांलाकि यह बिक्री पिछले साल की अपेक्षा कम है फिर भी कम दाम होने एवं बिजली खपत कम होने के कारण लोगो की पसंद चाइनीज झालर हैं.
