गौनाहा : अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रखंड के बापू के भितिहरवा आश्रम में पंचायत के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों समेत 40 लोगों ने रविवार को अनिश्चितकालीन आमरण अनशन प्रारंभ किया है. इनका आरोप है कि बाढ़ पीड़ितों का नाम सर्वे सूची में देने की बजाय अपने ही परिवार के छह सदस्यों के नाम किसान सलाहकार विजय चौरसिया ने सूची में शामिल कर लिया. इसके खिलाफ 20 सितंबर को ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जाम कर अपने आक्रोश का इजहार भी किया था. लेकिन इनका आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत के कारण 11 दिनों के बाद भी आरोपित किसान सलाहकार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. वहीं बहुत से बाढ़ पीड़ितों के नाम सर्वे सूची से वंचित रखा गया है. इस कारण सही लाभुक सरकारी लाभ से वंचित रह गये हैं.
अनशन पर बैठने वालों में मुखिया रामपति देवी, सरपंच शारदा देवी, पंसस अभिमन्यु गिरी, उपमुखिया विनोद साह, उप सरपंच धनंजय यादव, वाड्र सदस्य सरिता देवी, वार्ड सदस्य पति संजीत यादव, ग्रामीण मधु प्रसाद सहित कुल 40 लोग शामिल हैं. अनशनकारियों का यह भी आरोप है कि सीओ सह आपदा प्रबंधन पदाधिकारी लोगों को लाभ देने की बजाय भला बुरा कहते हैं. अनशनकारियों ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी. तब तक उनका अनशन जारी रहेगा.
गांधी जयंती से एक दिन पूर्व गांधीगीरी को हुए विवश : प्रत्येक वर्ष दो अक्टूबर को गांधी के भितिहरवा आश्रम में धूमधाम से गांधी जयंती मनायी जाती है. लेकिन इस बार का गांधी जयंती यहां पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से आरंभ गांधीगिरी से कुछ अलग ही दिखने वाला है.
आमरण अनशन पर बैठे पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि महात्मा गांधी ने ही पंचायती राज की परिकल्पना की थी. उनका सोच था कि पंचायती राज के जरिये पंचायतों और गांवों में खुशहाली आयेगी. जनप्रतिनिधि गांव के प्रत्येक ग्रामीण को न्याय व विकास प्रदान करेंगे. लेकिन उनके सोच के अनुरूप पंचायती राज प्रणाली की व्यवस्था चरमरा गयी है. अनशन पर बैठे पंचायत के प्रतिनिधियों ने कहा कि इसलिए जयंती पर भी गांधीगीरी करने की विवशता है.
