नरकटियागंज के पास मालगाड़ी पटरी से उतरी, परिचालन ठप

नरकटियागंज : लुधियाना से बेतिया आ रही मालगाड़ी नरकटियागंज से समीप पटरी के उतर गयी है. मालगाड़ी का 32वां डिब्बा का पहिया ट्रैक से नीचे उतर गया है. हालांकि गार्ड की समझदारी से और डिब्बे को बेपटरी होने से बचा लिया गया है. सूचना पर टीम मौके पर पहुंच रेस्क्यू में जुट गयी है. इस […]

नरकटियागंज : लुधियाना से बेतिया आ रही मालगाड़ी नरकटियागंज से समीप पटरी के उतर गयी है. मालगाड़ी का 32वां डिब्बा का पहिया ट्रैक से नीचे उतर गया है. हालांकि गार्ड की समझदारी से और डिब्बे को बेपटरी होने से बचा लिया गया है. सूचना पर टीम मौके पर पहुंच रेस्क्यू में जुट गयी है. इस रूट पर सभी ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल ठप है.

हादसे में किसी तरह की जान माल की क्षति नहीं हुई है.

घटना के संबंध में बताया जाता है कि लुधियाना से गेहूं लदी मालगाड़ी बेतिया आ रही थी. गुरुवार को 11.15 बजे जब मालगाड़ी नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड के टेड़ी कुइयां रेलवे ढाला के समीप पहुंची, तो गेट संख्या 20-सी से पश्चिमी ओर मालगाड़ी का 32वां डिब्बा बेपटरी हो गया. इस दौरान मालगाड़ी की रफ्तार काफी कम थी. डिब्बा जिस समय बेपटरी हुआ उस समय पहिया से काफी तेज गति से आवाज आ रही थी, जिसको कुछ मजदूरों ने देखते ही मालगाड़ी के गार्ड को जानकारी दी. तब तक मालगाड़ी लगभग दो सौ मीटर तक बेपटरी से होकर किसी तरह पहिया घसीटते हुए चल रही थी. गार्ड अवधेश कुमार ने चालक को सूचना देकर गाड़ी रुकवा दी. इसकी जानकारी तुरंत स्टेशन
नरकटियागंज के पास
मास्टर कार्यालय को दी गयी. स्टेशन पर दुर्घटना का सायरन बजते ही रेलकर्मी कंट्रोल रूम पहुंचे व जानकारी लेकर घटनास्थल की ओर निकले पड़े. सूचना पर घटनास्थल पर सीडब्ल्यूएस उमेश कुमार व पीडब्ल्यूआइ सुरेंद्र प्रसाद एवं आरपीएफ के प्रशांत कुमार समेत दर्जनों अधिकारी व कर्मी पहुंचे. स्टेशन प्रबंधक लालबाबू राउत ने बताया कि विभाग के वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गयी है.
लुधियाना से बेतिया आ रही थी ट्रेन, 200 मीटर तक घसीटते रहा पहिया
तेज आवाज के साथ ट्रेन की एक बोगी पटरी से उतरी
जान- माल की क्षति नहीं
दो दिन पहले ही शुरू हुआ था परिचालन
यहीं पर बहा था ट्रैक, दो दिन पहले शुरू हुआ था परिचालन
गुरुवार को जिस टेड़ी कुईयां के समीप मालगाड़ी बेपटरी हुई,उसी जगह पर 13 अगस्त को आयी बाढ़ से रेल ट्रैक बह गया था. करीब एक माह यहां मरम्मत का काम चला. इसके बाद दो दिन पहले 12 सितंबर से इस रूट से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. वह भी तब जब रेलवे की ओर से फिटनेस दिया गया था. खुद डीआरएम भी मौके पर पहुंच निरीक्षण के बाद ट्रेनों के परिचालन की हरी झंडी दी थी. लेकिन, दो दिन बाद ही हुए इस हादसे ने सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.

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