शहीद दिवस. शहीद पार्क में शहीदों को दी गयी श्रद्धाजंलि
बेतिया : जिलाधिकारी डाॅ निलेश रामचन्द्र देवरे ने कहा कि पढ़ाई के दौरान चंपारण सत्याग्रह के बारे में पढ़ा था, लेकिन मेरा सौभाग्य है कि चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में चंपारण में सेवा देने का मौका मिला है. उन्होंने शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमें इन शहीदों को याद करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमें इस धरोहर को संजोये रखने में भी हमारी भलाई है.
गुरुवार को शहर के शहीद पार्क में आयोजित शहीदों के श्रद्धाजंलि कार्यक्रम के दौरान डीएम डा़ देवेर ने कही. उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी के कारण ही हमें आजादी मिली है. इसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए. एसपी विनय कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जिले में आयी प्रलयंकारी बाढ़ से लाखों लोग पीड़ित हैं.
समाज के बुद्धिजीवियों सहित युवाओं को चाहिए कि पीड़ितों की सेवा सच्ची भावना से करें. वे अफवाहों से दूर रहे. तभी प्रशासन का ध्यान दूसरे तरफ नहीं बंटेगा. प्रशासन पीड़ित लोगों की सहायता पूरे मनोयोग से कर सकेगा. एसपी ने शहीदों की कृतियों को उच्चा रखने की भी बात कही.
कार्यक्रम का संचालन करते हुए समाजसेवी शंभुनाथ शुक्ल ने बताया कि 24 अगस्त 1942 को बेतिया सिविल कोर्ट में तिरंगा फहराने हेतु जा रहे जुलूस पर अंग्रेज सिपाहियों द्वारा गोली चलाये जाने के कारण बेतिया के आठ नौजवान शहीद हो गये थे. उन्हीं शहीदों की याद में सरकार द्वारा पटना के शहीद स्मारक की तर्ज पर बेतिया में भी एक शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया. इस स्मारक पर आठ शहीदों की प्रतिमा लगाई गई है. शहीदों में राजेश्वर मिश्र, गणेश राव, भागवत उपाध्याय, गणेश राय, जगन्नाथपुरी, फौजदार अहीर, तुलसी राउत एवं भिखारी कोयरी के नाम शामिल है. स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को जिला सशस्त्र बल के जवानों द्वारा सलामी दिया गया और मातमी धुन भी बजायी गयी.
उसके बाद जिला पदाधिकारी डा़ निलेश रामचंद्र देवरे, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार के अलावे जिले के अन्य पदाधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शहीदों के स्मारक पर पुष्पमाला भेंटकर अपनी-अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. मौके पर सहायक समहर्त्ता निलेश मिश्र, उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार, डीपीआरओ सुशील कुमार शर्मा, वरीय उपसमहर्ता सत्येन्द्र यादव, समाजसेवी नवेंदु चतुर्वेदी आदि मौजदू रहे.
खास बातें
डीएम ने कहा, चंपारण सत्याग्रह को किताबों में पढ़ा, अब चंपारण में सेवा करना गौरव की बात
एसपी ने कहा, अफहवाहों से दूर रह बाढ़ पीड़ितों की करें सच्चे मन से सेवा
