बैंककर्मियों की हड़ताल से 80 करोड़ का कारोबार प्रभावित, बैंक में लटके रहे ताले

हड़ताल पर डटे बैंक कर्मियों ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन बेतिया : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सभी व्यावसायिक बैंक बंद रहे. इस दौरान बैंककर्मी और अधिकारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर बैंक के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन और नारेबाजी की. यूएफबीयू के […]

हड़ताल पर डटे बैंक कर्मियों ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन

बेतिया : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सभी व्यावसायिक बैंक बंद रहे. इस दौरान बैंककर्मी और अधिकारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर बैंक के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन और नारेबाजी की. यूएफबीयू के राष्ट्रव्यापी इस बंदी का जिले में व्यापक असर रहा. तकरीबन 70 से 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा. मंगलवार को बैंक कर्मी और अधिकारी एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष जमा हुए और नारेबाजी की.
यहीं हाल एसबीआई मुख्य शाखा, सेंट्रल बैंक मुख्यशाखा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक इलाहाबाद बैंक आदि का भी रहा. कर्मियों ने निजी बैंकों से भी समर्थन का अनुरोध किया. इसके बाद आइएसआइसीआइ बैंक के दरवाजे पर भी ताले लटक गये.
प्रदर्शनकारी बैंक कर्मी एफआरडीआई बील को वापस लेने कारपोरेट एनपीए को कानून बनाकर वसूली करने, ग्रेच्यूटी की सीमा समाप्त करने, और बैंको में अनुकंपा की बहाली फिर से लागू करने की मांग कर रहे थे. एसबीआई पदाधिकारी संघ के जिला सचिव शैलेश कुमार जायसवाल और कर्मचारी संघ के सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार बैंक कर्मियों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है. कारपोरेट घरानो के एनपीए से बैंको की हालत खस्ता हो चुकी है. लेकिन उसकी वसूली के लिए कोई सख्त कानून नही है. उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द चार सूत्री मागों को पूरा करने की बात कही. हड़ताल के दौरान प्रदर्शन में शांतिनगर शाखा के प्रबंधक राहुल श्रीवास्तव, नौरंगाबाग के जितेंद्र प्रसाद, रविभुषण प्रसाद, रवि तिवारी, मुकेश कुमार, विजय यादव, रवि केसरी, पियुष कुमार निशांत कुमार आदि मौजूद रहे. हालांकि उतर बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं में काम हुआ.
सीएसपी व एटीएम से मिली थोड़ी राहत : व्यावसायिक बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर दिखा. लोग बैंकिंग को लेकर काफी परेशान रहे. खासकर बाढ़ के बाद लोग नकदी को लेकर बैंकों में भी पहुंचे थे लेकिन उन्हें हड़ताल की वजह से निराशा हाथ लगी. हालांकि इस दौरान सीएसपी और कुछेक एटीएम खुले रहे. इससे ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर मिली.

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