गौनाहा : नेपाल सीमावर्ती सहोदरा थाना के बेदौली गांव में गुरूवार की रात को 11 बजे ग्रामीण मुखलाल मांझी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी.
वह तीन माह पूर्व मुखिया की पिटाई मामले में जेल गया था और 15 दिन पूर्व जेल से छूटकर आया था. गुरुवार की रात 11 बजे वह घर पर सोया था कि किसी अज्ञात ने उसके सीने पर बंदूक से गोली मार दी. जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. इसके विरोध में आक्रोशित लोगों ने सुबह सात बजे से दस बजे तक सहोदरा-नरकटियागंज मुख्यपथ को जमुनिया बाजार के समीप जाम किया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया. घटनास्थल पर पहुंचे एसडीपीओ अमन कुमार ने समझाकर प्रदर्शनकारियों से सड़क जाम खत्म कराया.
इसके बाद मृतक के परिजनों ने थाना को घेरकर बैठ गये और वे मुखिया पर आरोप लगाते हुए उसे गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे. आंदोलनकारियों का आरोप था कि इस कांड के आरोपित मुखिया है. उसकी गिरफ्तारी की जाय. मुखिया ने पहले उसे पिटवाया और जेल भेजवाया. इससे जी नहीं भरा तो उसकी हत्या करवा दी. प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए एसडीपीओ अमन कुमार ने जांच के बाद आरोपित को जेल भेजने का आश्वासन दिया. साथ ही प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए मुखिया सुनील कुमार गढ़वाल, उनके भाई अनिल गढ़वाल व राजेंद्र गढ़वाल पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष को दिया. उसके बाद मृतक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए बेतिया भेजा.
घटना के बाबत बताया गया है कि पूर्व से स्थानीय मुखिया सुनील कुमार गढ़वाल के साथ मुखलाल मांझी का भूमि विवाद चल रहा था. इसी को लेकर तीन माह पूर्व मुखिया से उसके साथ मारपीट हुई थी. इस मामले में पुलिस ने आरोपित मुखलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस घटना को लेकर पूरा दिन जमुनिया बाजार हंगामा व प्रदर्शन का केंद्र रहा. बाद में पुलिसिया आश्वासन पर स्थिति सामान्य हुई. पुलिस के पदाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद समुचित कार्रवाई की जायेगी.
