गौनाहा : भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के भिखनाठोरी गांव में मंगलवार की देर रात घुसे जंगली हाथी ने जम कर तबाही मचायी. हाथी के तोड़फोड़ से गांव में भगदड़ मच गयी. रात करीब 12 बजे पहुंचे हाथी के भय से लोगों को जाग कर रात गुजारनी पड़ी. वहीं, पूरी रात अफरा-तफरी मची रही. इस दौरान हाथी ने कई लोगों के घर व दीवारों को तोड़ दिया.
गौनाहा के भिखनाठोरी गांव में पहुंचा जंगली हाथी, भगदड़
गौनाहा : भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के भिखनाठोरी गांव में मंगलवार की देर रात घुसे जंगली हाथी ने जम कर तबाही मचायी. हाथी के तोड़फोड़ से गांव में भगदड़ मच गयी. रात करीब 12 बजे पहुंचे हाथी के भय से लोगों को जाग कर रात गुजारनी पड़ी. वहीं, पूरी रात अफरा-तफरी मची रही. इस दौरान हाथी […]

एसएसबी व ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद सुबह करीब तीन बजे हाथी नेपाल के जंगल में घुस गया. इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. ग्रामीणों में शेषनाथ यादव, दयानंद गुप्ता, दयानंद सहनी, मोती पासवान, रामानंद सिंह
गौनाहा के भिखनाठोरी…
, कमलेश ठाकुर, मुनचुन देवी, सरिता देवी आदि ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे हाथी भिखनाठोरी गांव में घुस आया. सबसे पहले सुनील पटेल का घर तोड़ दिया और एक बोरा चावल खा गया. उसके बाद इंदल खां की झोपड़ी तोड़ डाली. इस क्रम में समीपवर्ती प्रमोद गुप्ता का ईंट की दीवार को तोड़ डाला और दो बोरे में रखे गये गुड़ में से कुछ खाया और कुछ नुकसान किया. हाथी के रुख को देख कर ग्रामीणों में भगदड़ मच गयी. इसकी सूचना समीपवर्ती एसएसबी कैंप में दी गयी. साथ ही मोबाइल के जरिए भिखनाठोरी के रेंज ऑफिस को सूचना दी गयी. हाथी की तबाही व क्षति से ग्रामीणों में दहशत कायम हो गया. ग्रामीणों व एसएसबी के प्रयास के बाद भोर में करीब तीन बजे हाथी नेपाल के जंगल में घुस गया.
कई घरों में मचायी तबाही
पूर्व में किशोरी की ले ली थी जान
हाथी के पहुंचने व क्षति पहुंचाने की यह पहली घटना नहीं है. इसके पूर्व में भी हाथी यहां पहुंच कर तबाही मचा चुका है. ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार हाथी इसी भिखनाठोरी गांव में पहुंचा था और एक 14 वर्षीय बच्ची की जान ले ली थी. काफी प्रयास के बाद उसे नेपाल के जंगल में पहुंचाया जा सका था. भिखनाठोरी के रेंजर मो. अफसार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी नेपाल के जंगल में जा चुका है.