किसानों को दी गयी वैज्ञानिक खेती की ट्रेनिंग
श्रीनगर : बगही बघंबरपुर पंचायत सरकार भवन में समग्र शिक्षण व विकास संस्थान बेतिया की ओर से दलहन विकास परियोजना के तहत बैरिया प्रखंड के चार पंचायतों में लगाये गये डेमो प्लांट के किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण दे रहे कृषि वैज्ञानिक प्रभात कुमार ने बताया कि साठ के दशक में हरित क्रांति आया.
इससे धान और गेहूं के पुराने प्रभेद बदल गए. बौने किस्त के अनाज आये. आज अनाज के क्षेत्र में किसान आत्मनिर्भर हैं. वहीं दलहनी फसलों का प्रभेद नहीं बदलने से इस क्षेत्र में किसान पिछड़े हुए हैं. परिणामस्वरूप बाहर से दाल मंगवाना पड़ रहा है. समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान ने दाल का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए चार पंचायतों में कार्य कर रही है. मूंग दाल की खेती सफल होने के बाद 700 किसानों से अरहर का फसल लगवाया गया है.
यदि मौसम ने साथ दिया तो दाल के क्षेत्र में क्रांति आयेगी. उन्होंने कहा कि कम लागत में अधिक उपज होती है. यदि दलहन की खेती वैज्ञानिक विधि से होती है तो इस क्षेत्र में भी हम आत्मनिर्भर हो सकते हैं. मौके पर परियोजना समन्वयक अनिल लुकस, कृषि प्रसार कार्यकर्ता गिरधारी, मुखिया मो. इस्लाम, अफरोज आलम, प्रतिमा देवी, शत्रघ्न प्रसाद, हरेंद्र यादव, जयराम प्रसाद, योगेंद्र पटेल, सुरेंद्र प्रसाद, नागेंद्र प्रसाद, मधुसूदन प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे.
