दुष्कर्म के प्रयास में एक को पांच वर्ष की सजा

पचास हजार रुपये अर्थदंड पीड़िता को देने का निर्देश महज दो वर्ष में एडीजे प्रथम ने सुनाया फैसला बेतिया : नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार दुबे ने एक आरोपी को दोषी पाया है और उसे पांच […]

पचास हजार रुपये अर्थदंड पीड़िता को देने का निर्देश

महज दो वर्ष में एडीजे प्रथम ने सुनाया फैसला
बेतिया : नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार दुबे ने एक आरोपी को दोषी पाया है और उसे पांच वर्ष की कठोर कारावास समेत पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. साथ ही यह अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा न्यायाधीश ने अपने सजा में यह भी प्रावधान किया है कि पीड़िता को बिहार विक्टीम कम्पनशेसन स्कीम के तहत तीन लाख रूपये की सहायता सरकार से मिलेगी. उक्त राशि पीड़िता की पढ़ाई, रहन-सहन व उसे स्वावलंबी बनाने में खर्च की जायेगी. सजायाफ्ता सोनू कुमार शिकारपुर थाना के नरकटियागंज चांदनी चौक का निवासी है.
पॉस्को एक्ट के विशेष लोक अभियोजक वेद प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि 18 मार्च 2015 को शारदा देवी की सात वर्षीय पुत्री नरकटियागंज जंक्शन के रेलवे पानी के पास नल से पानी लाने गई. वहां पूर्व से उपस्थित सजायाफ्ता सोनू ने उसे जबरन पकड़कर मुंह बंद कर दिया और पावर हाउस के कमरे में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास करने लगा. पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने पहुंचकर सोनू को पकड़ पीड़िता की रक्षा की. इस संबंध में पीड़िता की मां शारदा देवी के फर्दबयान पर नरकटियागंज रेलथाना में कांड संख्या 6/15 दर्ज करायी गयी. इस मामले में पुलिस ने आरोप को सत्य पाकर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया. इसी मामले की सुनवाई न्यायालय ने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पूरी करते हुए महज दो ही वर्ष में फैसला सुनाकर न्याय प्रदान किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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