खुलासा. लूट के बाद भाग रहे लुटेरे को दबोचना हत्या का कारण बना
बेतिया : लूट के बाद रकम लेकर भाग रहे लूटेरे को दबोचना व्यवसायी भरत जी प्रसाद की हत्या की वजह बन गई. मामले का खुलासा का दावा कर रही पुलिस की माने तो लूटेरों का व्यवसायी की हत्या का कोई मकसद नहीं था. लेकिन, जब रकम लूटने के बाद अपराधी भागने लगे तो इसी दौरान भरत प्रसाद ने एक लूटेरों को दबोच लिया और शोर मचाने लगे. पहले तो साथ के अपराधियों ने भरत प्रसाद के चंगुल में फंसे लूटेरे को छुड़ाना चाहा,
लेकिन मजबूत पकड़ को देखते हुए भरत प्रसाद के सीने ने रिवाल्वर से गोली उतार दी. इससे उनकी पकड़ ढ़ीली पड़ गई और वह लहुलूहान होकर गिर पड़े. पुलिस की माने तो यह सभी घटना कारोबारी के मुंशी मोहित की मौजूदगी में हुई, लेकिन वह काफी डर गया था और जाकर छिप गया था. हालांकि वारदात के बाद पुलिस को सबसे पहले शक मुंशी पर हुई और उसे हिरासत में लिया गया.
डीएसपी ने बताया कि मुंशी मोहित से काफी पूछताछ की गयी, लेकिन वह हर बार घटना में शामिल होने से इनकार करता रहा. अब मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पर, भले ही पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे का दावा कर रही है, लेकिन अभी भी तमाम सवाल निरूत्तर है. मसलन इस वारदात का साजिशकर्ता कौन है?
हत्या में किस तमंचे का प्रयोग हुआ और वह हथियार कहा है? पुलिस हत्यारों तक कैसी पहुंची? मास्टर कौन है? इस सभी सवालों को फिलहाल पुलिस ने टरका दिया है. उसका कहना है कि अभी तीन अपराधी उनकी पकड़ से दूर हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद और पहेली सुलझेगी. वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो इस लूट व हत्या में शामिल बेतिया द्वारदेवी चौक का सचिन जब बाइक चोरी के मामले में मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढ़ा तो पूछताछ में उसने इस लूट के बारे में बताया. इसके बाद पुलिस उसकी निशानदेही पर अन्य को गिरफ्तार करने में सफल हुई.
पकड़ से दूर : पुलिस की माने तो इस घटना का मास्टरमाइंड अभी पकड़ से दूर है. पुलिस फिलहाल गिरफ्त से दूर अपराधियों के नाम का खुलासा करने से कतरा रही है. हालांकि यह बताया जा रहा है कि घटना का मास्टरमाइंड बेतिया का ही रहने वाला है. पुलिस ने दो दिनों में उसकी गिरफ्तारी का दावा किया है.
भरत हत्याकांड
हिरासत में लिये गये मुंशी मोहित की वारदात में नहीं मिली संलिप्तता
अब भी नहीं सुलझ सके कई सवाल
पुलिस का दावा, दो दिनों के अंदर होगी मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
परिजन बोले, पुलिस बताये कौन है साजिशकर्ता
मृत भरत जी प्रसाद के भाई रामजी प्रसाद ने खुलासे पर सवाल उठाया है. उनका कहना है कि करीब चार लाख रूपये लूटे गये थे, पर पुलिस महज आठ हजार रूपये बरामद की है. अभी तक अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. श्री प्रसाद ने कहा है कि पुलिस अभी तक यह नहीं बता सकी है कि इस घटना का रचयिता और साजिशकर्ता कौन है. उन्होंने इस मामले में शामिल अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है.
