नालों की सफाई और जलजमाव से निबटने के सभी दावों की पोल सोमवार की सुबह तब खुल गयी, जब पहली बारिश में ही शहर का हर कोना डूब गया. बिजली भी ठप हो गयी. ऐसे में मानसूनी बारिश में क्या हालात होंगे. यह आसानी से समझा जा सकता है.
बेतिया : महज 18 मिनट की बरसात ने नगर परिषद के दावों की कलई खोल दी. बारिश के बाद दर्जनों जगहों पर पानी भर गया, जिसके चलते लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा. प्रमुख बाजारों समेत सभी जगहों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया.
वह भी तब जलजमाव की दिक्कतों से छुटकारा दिलाने के नाम पर नगर परिषद पिछले एक साल से नालों की सफाई कराने का दावा कर रही है, बावजूद इसके हल्की बारिश से ही ज्यादातर इलाकों में पानी जमा हो गया. इसके संग ही बिजली भी ठप हो गई.
यह हालत इसलिए हुई कि शहर के मुख्य नाले जाम हैं. गलियों में बंद पड़ी नालियों की सफाई नहीं हुई है. अलबत्ता महज 18 मिनट की बारिश ने शहरवासियों सहित मंडी के कारोबारियों के लिए मुसीबत खड़ा कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, अभी मानसून आने में दो से तीन दिन का समय है. इस बार बारिश भी उम्मीद से कहीं ज्यादा होने की बात कही जा रही है.
ऐसे में यही हाल रहा तो मानसून की बारिश में पूरे शहर और मंडी में त्राहिमाम मचना तय है. कारण कि नाला सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर ली गयी. कई नाले जमींदोज हो चुके हैं, तो दर्जनों पर अवैध कब्जा है. यहां सब राम भरोसे है. व्यवस्था और सफाई को लेकर विभागीय स्तर पर कोई पहल नहीं दिख रही है. हालांकि नगर परिषद की नयी सभापति को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ी है. कुछ दिनों में असर दिखने की बात कही जा रही है.
मीना बाजार की दुकानों में घुसा पानी : 2600 दुकानों को अपने अंदर समेटे हुए मीना बाजार की हालत उस समय बदतर हो गई, जब 18 मिनट की बारिश में सड़कों को लबालब करते हुए दुकानों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया. दुकानों तक में पानी घुस गये, लोग खड़े होकर नालियों से पानी बाहर निकालने का प्रयास करते दिखे.
शहर के कई मुहल्लों में निकलना हुआ मुश्किल : महज 18 मिनट की बारिश से ही शहर के सोआ बाबू चौक, हॉस्पिटल रोड, चर्च रोड, जनता सिनेमा, कविवर नेपाली पथ रोड सहित जिला मुख्यालय स्थित दर्जन भर मुहल्लों के सड़कों पर जलजमाव का नजारा दिखा. शहरवासी सड़कों पर जमा पानी के बीच चलने को विवश दिखे.
गिरा पेड़, शहर में बिजली ठप: बारिश ने बिजली व्यवस्था की भी कलई खोल दी. शहर में न्यू कॉलोनी ब्लाक रोड में बिजली तार पर पेड़ गिर गया. इससे पूरे शहर में तीन घंटे बिजली सप्लाई ठप रही.
मानसून से पहले नहीं हुई तैयारी : वैसे तो नगर परिषद द्वारा जलजमाव व बरसात में होने वाली समस्याओं से निबटने को लेकर कई दावे किये गये थे, लेकिन सोमवार की बरसात ने इन दावों की पोल खोल दी. बीते वर्ष जहां नगर परिषद द्वारा करीब 56 लाख रुपये खर्च कर मुख्य नाले की सफाई बरसात से पहले करायी गयी थी, वहीं इस वर्ष अब तक कोई मुकम्मल पहल नहीं है.
दुर्दशा
पहली ही बारिश में
शहर की बिगड़ी हालत
मानसून ने दी दस्तक, तो और परेशानी बढ़नी तय
नये सभापति से शहरवासियों
की है बड़ी उम्मीद
