बिहार के इस जंगल में लगता है भूतों का मेला, दशहरा में दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग

Dussehra 2024: नवरात्र और दशहरे पर आपने कई तरह के मेले देखे होंगे. लेकिन, क्या आपने भूतों का मेला देखा है? बिहार के बगहा में लगने वाला एक मेला अपने आप में अनोखा माना जाता है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगल के बीच स्थित गोबरहिया स्थान पर वर्ष 2001 से भूत-प्रेत से मुक्ति का खेल चलता आ रहा है.

Dussehra 2024: नवरात्र और दशहरे पर आपने कई तरह के मेले देखे होंगे. लेकिन, क्या आपने भूतों का मेला देखा है? बिहार के बगहा में लगने वाला एक मेला अपने आप में अनोखा माना जाता है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगल के बीच स्थित गोबरहिया स्थान पर वर्ष 2001 से भूत-प्रेत से मुक्ति का खेल चलता आ रहा है. हर नवरात्र में यहां भूतों का मेला लगता है.

अंधविश्वास की जड़ें इतनी मजबूत है कि यहां सैकड़ों की संख्या में लोग भूत और प्रेत से आत्माओं की मुक्ति के लिए पहुंचते है. प्रेत और भूत भगाने के नाम पर पुरुष एवं महिलाओं के शरीर को यातनाएं भी दी जाती हैं.

यहां आने के बाद छूट जाती हैं बीमारियां

इस मेले में सिर्फ अनपढ़ ही नहीं बल्कि, पढ़ी लिखी महिलाएं भी आती हैं. जिनके दावे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. कुछ महिलाएं तो विगत दस वर्षों से गोबराहिया देवी स्थान आ रही हैं. 10 वर्ष पूर्व उन्होंने कई बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज कराया. लेकिन उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ. अंत में थक हार कर वे गोबरहिया देवी की शरण में आईं और आज काफी बेहतर हैं.

पूजा करती महिलाएं

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पुजारियों ने कहा, यहां झाड़ फूंक नहीं होता

महिलाओं का कहना है कि यहां आने पर उन्हें सब दुखों से छुटकारा मिल गया है. अब वह बेहतर जीवन यापन कर रही हैं. उनका कहना है कि वे प्रत्येक साल इस मेले में देवी का दर्शन करने आती हैं. श्रद्धापूर्वक पूजा पाठ भी करती हैं. वही गोबरहिया देवी स्थान के पुजारियों का कहना है कि भूत प्रेत के नाम पर यहां कोई भी झाड़ फूंक नहीं किया जाता है. लोग यहां आते हैं और पूरी श्रद्धा से देवी की पूजन करते हैं. जिसके बाद उन्हें भूत पिचासों सहित अन्य रोगों से छुटकारा मिल जाता है.

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By Abhinandan Pandey

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