बिहार में प्रतिबंधित बीटी बैंगन की खेती को नष्ट कराने जल्द आयेगी केंद्रीय टीम

बिहार सहित आठ राज्यों में प्रतिबंधित होने के बाद भी चोरी-छिपे इसकी फसल उगाने की शिकायत केंद्र सरकार तक पहुंच गयी हैं.

पटना : बैंगन की जेनेटिकली मॉडिफाइड फसल (बीटी बैंगन) को लेकर बवाल मचा हुआ है. बिहार सहित आठ राज्यों में प्रतिबंधित होने के बाद भी चोरी-छिपे इसकी फसल उगाने की शिकायत केंद्र सरकार तक पहुंच गयी हैं.

इसकी जांच-पड़ताल को केंद्र से फील्ड निरीक्षण व वैज्ञानिक मूल्यांकन समिति आ रही है. समिति राज्य का दौरा करेगी़ बीज विक्रेताओं व किसानों के बीच जाकर जानकारी जुटायेगी़ जहां भी बीटी बैंगन की खेती मिलेगी, वहां नमूना एकत्रित करने के बाद फसल को नष्ट कराया जायेगा़

बीटी बैंगन का बीज बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी़ जेनेटिकली मॉडिफाइड बैंगन की सब्‍जी खाने से शरीर में कई बीमारियां उत्पन्न हो सकती है़ इसमें किसी तरह का वायरस हो, तो वह मानव व पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं, इसके लिए इसकी फसल पर प्रतिबंध लगा हुआ है़

हरियाणा में कई जगहों पर बीटी बैंगन की खेती पकड़ी गयी थी़ केंद्रीय एजेंसियों ने बिहार सहित आठ राज्यों में चोरी छिपे इसकी खेती होने की आशंका प्रकट की है़. एफआइएसइसी को छह महीने में देनी है अपनी रिपोर्ट : मदुरै कामराज विवि, के रिटायर्ड प्रोफेसर की अध्यक्षता वाली एफआइएसइसी को छह महीने में अपनी रिपोर्ट केंद्र को देनी है़

बिहार से नमूना लेकर जांच को नेशनल ब्यूरो आॅफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्स दिल्ली, पंजाब बाॅयोटेक्नॉलाजी इंयुबेटर मोहाली, डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड ट्रांसजेनिंग क्राॅप मॉनीटरिंग लेबोरेटरी, हैदराबाद व एक्सपोर्ट एजेंसी कोची भेजे जायेंगे़

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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