Buxar News : डुमरांव प्रखंड के कोरानसराय पंचायत अंतर्गत विनोबा वन मोड़ से रामपुर रजवाहा तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है. करीब एक किलोमीटर लंबी यह सड़क आज भी कच्ची है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण लंबे समय से इस सड़क के पक्कीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस पहल की.
यह सड़क डुमरांव-बिक्रमगंज एनएच-120 से जुड़ते हुए केसठ प्रखंड के रामपुर रजवाहा तक जाती है. इस मार्ग से रामपुर, चकौड़ा, जयरामपुर, सिद्धीपुर और पवरपुर सहित दर्जनों गांव के लोग जुड़े हुए हैं. इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार पांडेय और ग्रामीण राजेश पासवान, श्रीमन उपाध्याय व अनिल यादव का कहना है कि हल्की बारिश होते ही यह सड़क दलदल में बदल जाती है. जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाता है और फिसलन इतनी बढ़ जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.
ग्रामीणों ने बताया कि बाइक और साइकिल से आने-जाने वाले लोग अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं. बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, जबकि बीमार और बुजुर्गों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है. बरसात के दिनों में तो हालात और भी खराब हो जाते हैं.
वर्षों पहले हुई थी सिर्फ मिट्टी भराई
ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क पर कई साल पहले केवल मिट्टी भराई का काम किया गया था. उसके बाद से अब तक कोई मरम्मत या पक्कीकरण नहीं हुआ. धीरे-धीरे सड़क पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो गई है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं.
लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला. जमीन पर कोई काम नहीं हुआ, जिससे लोगों का भरोसा अब टूटने लगा है.
पक्की सड़क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सड़क पक्की हो जाती है, तो न सिर्फ स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी बल्कि अन्य प्रखंडों से आने-जाने वालों को भी काफी सुविधा होगी. जिला मुख्यालय और अनुमंडल मुख्यालय तक पहुंचने में समय की बचत होगी और आवागमन सुगम हो जाएगा.
साथ ही किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी. वर्तमान स्थिति में खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क के पक्कीकरण की मांग की है. उनका कहना है कि यह सिर्फ सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि सुरक्षा और विकास से जुड़ा मामला है.
ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.
