लापता भाई-बहन का अबतक नहीं मिला सुराग, बस्ती के लोगों ने थाने का किया घेराव

नगर के वार्ड संख्या 15 स्थित रामरेखाघाट स्लम बस्ती के लोगों का गुरुवार को धैर्य टूट गया. काफी संख्या में बस्ती के लोग थाने में पहुंच घेराव कर दिया.

बक्सर. नगर के वार्ड संख्या 15 स्थित रामरेखाघाट स्लम बस्ती के लोगों का गुरुवार को धैर्य टूट गया. काफी संख्या में बस्ती के लोग थाने में पहुंच घेराव कर दिया. वहीं दोनों गुमशुदा बच्चों को खोजने को लेकर थाने में अडिग हो गये. काफी समझाने व केस के आइओ के द्वारा अन्य शहरों में खोजने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया. जिसके बाद स्लम बस्ती के लोग लगभग एक घंटे के बाद वापस घर चले गये. लेकिन पुलिस प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने के कारण उनके अंदर काफी आक्रोश कायम हो गया है. पुलिस के सहयोग नहीं करने के कारण गुरुवार को 11 बजे के बाद 60 से 70 की संख्या में स्लम बस्ती के लोग आक्रोश में आकर नगर थाना पहुंच गये. जहां उनको आइओ ने जांच में भरपुर सहयोग करने की बात कह उन्हें शांत कराया. वहीं थाना का घेराव करने वालों में महिलाएं ही शामिल थी. जो अपने कार्यों को छोड़कर कई दिनों से काफी परेशानी हो स्वयं खोजबीन कर रहे हैं. घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामरेखा घाट स्थित स्लम बस्ती से लापता मासूम भाई-बहन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. घटना के दस दिन बाद भी पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. इसको लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है. जिससे आक्रोसित व नाराज परिजनों और बस्ती के लोगों ने नगर थाना पहुंचकर थाना का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. ज्ञात हो कि पीड़ित परिवार के अनुसार 12 जनवरी की शाम करीब 6 बजे 13 वर्षीय शीतल कुमारी और 6 वर्षीय विकास कुमार घर से बाहर निकले थे, लेकिन उसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे. परिजनों ने इस संबंध में नगर थाना में लिखित आवेदन दिया, बावजूद इसके बच्चों की तलाश में गंभीरता नहीं दिखाये जाने की परिजन व बस्ती के लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया है. थाना घेराव के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि गरीब और दलित परिवार होने के कारण उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. लोगों का कहना है कि न तो बच्चों की तलाश के लिए कोई विशेष टीम गठित की गई है और न ही अब तक कोई ठोस सुराग सामने आया है. इससे बच्चों की मां बदहवास हो गयी है. परिजन अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं. वहीं बस्ती के महिलाओं द्वारा थाने की घेराव करने की जानकारी मिलने पर समाजसेवी ओमजी यादव थाना पहुंच गये. उन्होंने बच्चों को खोजने में भरपूर सहयोग करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि ये लोग काफी गरीब है जिसके कारण लोगों की इस गंभीर मामले को पुलिस नजरअंदाज कर रहा है. इन गरीबों का हाल सुनने वाला कोई नहीं है. नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं. तकनीकी सहायता के माध्यम से बच्चों की तलाश तेज कर दी गयी है. लापता बच्चों के परिजनों से मिली एनजीओ की टीम : मामले की जानकारी मिलने पर स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान, बक्सर के समन्वयक अमिताश गौतम, परामर्श केंद्र देवी एवं अजीत कुमार ने लापता बच्चों के परिजनों से संपर्क किया. इस दौरान बच्चों की माता श्रीमती गीता देवी को परामर्श केंद्र के माध्यम से काउंसलिंग प्रदान की गयी तथा टीम द्वारा परिजनों को बच्चों की खोज के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया. इस पूरे अभियान में चाइल्ड लाइन की ओर से समन्वयक रीमा कुमारी एवं केस वर्कर सचिन कुमार ने भी सहयोगी भूमिका निभायी. संबंधित संस्थाओं द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amlesh prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >