महर्षि विश्वामित्र मंडपम में आधुनिक लेजर लाइट एंड शो के प्रथम प्रदर्शन का हुआ शुभारंभ

जिस दिन अयोध्या में श्री राम लला का नए भवन राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित किये गये थे.

बक्सर. सांसद सह सह मंत्री भारत सरकार अश्विनी कुमार चौबे ने बक्सर रामरेखा घाट के निकट रामायण केंद्र स्थित महर्षि विश्वामित्र मंडप में आधुनिक लेजर लाइट एंड शो के प्रथम प्रदर्शन का शुभारंभ शनिवार को किया गया. श्री चौबे ने बताया कि इस स्थल का शिलान्यास ऐतिहासिक दिवस 22 जनवरी 2024 को उनके द्वारा किया गया था. जिस दिन अयोध्या में श्री राम लला का नए भवन राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित किये गये थे. इसके उपरांत आधुनिक लेजर लाइट एंड साउंड शो के परीक्षण ट्रायल का शुभारंभ 11 मार्च 2024 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को किया था. जिसमें तत्कालीन पर्यटन मंत्री बिहार सरकार डॉ प्रेम कुमार अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए थे. इसके साथ ही बक्सर के जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, जनप्रतिनिधि, भारत सरकार के उपक्रम बेसिल के उपमहाप्रबंधक आदि गणमान्य भी सम्मिलित थे. संपूर्ण प्रोजेक्ट का संकल्पना एवं पहल बक्सर की आध्यात्मिक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए श्री राम कर्मभूमि न्यास की स्थापना कर अश्विनी कुमार चौबे ने लोकसभा में बक्सर को राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने हेतु रामायण सर्किट से जोड़ने का आग्रह प्रधानमंत्री मोदी से किया, जिसे उन्होंने पूर्ण किया. प्रामाणिक तथ्य के आधाार पर श्रीराम कर्मभूमि न्यास सिद्धाश्रम बक्सर के गौरव की पुन:स्थापना के लिए सतत प्रयत्न शील है. न्यास के प्रयास से रामरेखा घाट स्थित रामायण प्रांगण में श्रीराम कथा का आधुनिक लेजर शो (लाइट एण्ड साउंड) का प्रदर्शन हुआ. इस अवसर पर न्यास के संस्थापक बक्सर के पूर्व सांसद व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी उपस्थित थे. इसके साथ ही उन्होंने बक्सर किला मैदान में महर्षि विश्वामित्र भवन एवं न्यास व सेवा भारती के सहयोग से संचालित होने वाले विश्वामित्र चिकित्सा सेवा केंद्र का लोकार्पण भी किया. हमारा बक्सर जो प्राचीनकाल में सिद्धाश्रम नाम से विश्व विख्यात था. प्रथम मनुज अवतार भगवान वामन की जन्मभूमि और महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि हमारा सिद्धाश्रम भगवान श्रीराम की प्रथम कर्मभूमि एवं रणभूमि भी रही है. इसी भूमि पर भगवान श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र एवं अन्य ऋषियां से देव दुर्लभ सहस्र दिव्यास्त्रों को ग्रहण किया था. ऋष्यिों के सान्ध्यि में इसी पुण्य भूमि पर रामराज्य का विचार बीज प्रस्फुटित हुआ था. इस प्रकार सिद्धाश्रम बक्सर से ही श्रीराम की अभ्युदय यात्रा शुरू हुई थी. इसके पूर्व बिहार के अंग क्षेत्र से महर्षि श्रृंगी के पूजन आह्वान के साथ श्रीराम की आविर्भाव यात्रा प्रारंभ हुई थी. विश्वामित्र चिकित्सा सेवा केंद्र से कैंसर और अन्य असाध्य रोगियों के लिए टेलीमेडिशिन से उपचार एवं परमार्श की नि:शुल्क सेवा दी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >