सीएसआर के तहत तालाब-आहर पुनरुद्धार की शुरुआत, जल संरक्षण को मिलेगा बल

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि चार पोखर-तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर लिया गया है.

डुमरांव. क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वरुण बेवरेज लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत तालाब, आहर के पुनरुद्धार कार्य की शुरुआत कर दी है. शुक्रवार को एसडीएम राकेश कुमार ने कार्यों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि चार पोखर-तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि पांच अन्य तालाबों को भी पुनरुद्धार के लिए चिन्हित करके बता दिया गया है. आगे चलकर लगभग 20 से 25 तालाब, आहर और पइन का जीर्णोद्धार कराया जायेगा, जिसमें कुछ कार्यों की जिम्मेदारी पेप्सी कंपनी को भी सौंपी गयी है. एसडीएम ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जल स्तर को सुधारना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े तालाबों के पुनरुद्धार से आसपास के गांवों को सीधा लाभ मिलेगा. नावानगर और केसठ प्रखंडों में लगभग 25 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना है. पुनरुद्धार कार्य के तहत तालाबों की सफाई, गहरीकरण, तटबंधों की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जायेगा. साथ ही, आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण भी किया जायेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी. स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जल संकट में कमी आएगी और कृषि व पशुपालन को नई गति मिलेगी. कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि सीएसआर के तहत इस तरह के जनहितकारी कार्य आगे भी जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान दिया जा सके. यह पहल न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ायेगी.

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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