डुमरांव. शनिवार को रोगी कल्याण समिति के सभी सदस्यों द्वारा डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया. इस निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था. निरीक्षण दल में रोगी कल्याण समिति की सदस्या सह भाजपा जिला मंत्री ओम ज्योति भगत, रमेश केशरी, कमल चौरसिया, भाजपा नगर अध्यक्ष विजय कुशवाहा, नगर महामंत्री धीरेन्द्र निराला, अविनाश त्रिपाठी, अमृतांशु भगत, जदयू नगर अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, ग्रामीण अध्यक्ष डॉ नंद जी भारती सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां सामने आयी. सबसे बड़ी समस्या एंबुलेंस सेवा को लेकर पायी गयी. समिति के सदस्यों ने पाया कि अस्पताल प्रबंधन को एंबुलेंस की वास्तविक उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है या किसी स्वयंसेवी संस्था की. इसके अलावा अस्पताल परिसर में पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पायी गयी. गंदगी और अव्यवस्था के कारण मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. चिकित्सकों की अनुपलब्धता को भी समिति ने गंभीर चिंता का विषय बताया, क्योंकि इससे समय पर इलाज न मिल पाने का खतरा बना रहता है. रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस सेवा, उससे संबंधित खर्च और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाले व्यय की विस्तृत जानकारी लिखित रूप में मांगी है. समिति ने आशा जताई कि इन खामियों को शीघ्र दूर कर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जायेगा, ताकि आम जनता को समुचित और समय पर इलाज मिल सके.
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