डुमरांव़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार को पीएचसी अस्पताल चौगाईं से एक ऐसी घटना सामने आयी, जिसने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. अस्पताल परिसर स्थित बाथरूम में शॉल में लिपटा एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला. ठंड के मौसम में इस तरह की अमानवीय घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी और देखते ही देखते यह मामला पूरे प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया. जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जब अस्पताल के सफाईकर्मी रोजाना की तरह बाथरूम की सफाई करने पहुंचे, तो उन्हें टॉयलेट के पास एक शॉल में लिपटा नवजात दिखाई दिया. पहले तो वे घबरा गए, लेकिन तुरंत इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी. सूचना मिलते ही चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मितेंद्र कुमार सहित अस्पताल की पूरी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल शिशु को अपने कब्जे में लेकर उसकी प्राथमिक जांच व उपचार शुरू किया गया. डॉ मितेंद्र कुमार ने बताया कि नवजात को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शॉल में लपेटकर बाथरूम में छोड़ दिया गया था. सौभाग्य से समय रहते सफाईकर्मी की नजर उस पर पड़ गयी, जिससे उसकी जान बच सकी. शिशु को तुरंत गर्म स्थान पर रखा गया, आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी गयी और उसके स्वास्थ्य की निगरानी शुरू कर दी गयी. डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल नवजात की स्थिति स्थिर है. घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी. सूचना मिलते ही मुरार थाना अध्यक्ष नेहा कुमारी, सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने अस्पताल परिसर, आसपास के क्षेत्रों और आने जाने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को किसने और किस समय वहां छोड़ा. अस्पताल प्रबंधन द्वारा शिशु देखभाल केंद्र को भी सूचना दी गई, जिसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नवजात को शिशु देखभाल केंद्र के हवाले कर दिया गया. प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि बच्चे के भविष्य और सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे. समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को दर्शाती है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मां या परिवार इस तरह का अमानवीय कदम उठाने से पहले सौ बार सोचे. इस मौके पर थाना अध्यक्ष नेहा कुमारी ने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही नवजात को छोड़ने वाले व्यक्तियों की पहचान कर ली जायेगी. फिलहाल, पीएचसी चौगाईं में हुई यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर ममता इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है.
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