बक्सर. बिहार की विरासत को सहेजने में डॉ शिव कुमार ने अदभुत योगदान दिया है. सीताराम उपाध्याय संग्रहालय बक्सर में डाॅ शिव कुमार मिश्र के सेवानिवृत्त होने पर आयोजित विदाई समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद नागेंद्र नाथ ओझा ने ये बातें कही. डाॅ मिश्र द्वारा पटना संग्रहालय में संगृहीत महापंडित राहुल सांकृत्यायन के दुर्लभ तिब्बती बौद्ध संग्रह को संरक्षित करने का प्रयास किया गया. वहीं सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर का विगत कुछ दिनों में ही कायाकल्प कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने हेतु प्रयास किया गया है. संग्रहालय प्रभारी डा शिव कुमार मिश्र ने अपने सहकर्मियों एवं धरोहर प्रेमियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैंने अपने सेवा काल में एक संग्रहालयकर्मी द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों का निर्वहन किया है एवं अपने सहकर्मियों के साथ साथ धरोहर प्रेमियों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों आदि के सहयोग से ही मैं सफल हो पाया हूं. कार्यक्रम को संचालित करते हुए पत्रकार राम मुरारी ने डाॅ मिश्र के धरोहर प्रेम एवं लोगों को संग्रहालय से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की. पत्रकार राम मुरारी एवं विमल यादव के साथ साथ अनिकेत कुमार के नेतृत्व में संग्रहालय कर्मियों ने डाॅ मिश्र को पुष्प माला, अंग वस्त्र, स्मृति चिह्न प्रदान कर विदाई दी. इस अवसर पर कैथी लिपि विशेषज्ञ कल्पना कुमारी, मोहम्मद आशिक, रामरूप ठाकुर अभिषेक चौबे, अभिनंदन कुमार, आर के तिवारी,भोला पासवान, जीतेंद्र आजाद, बिलट पासवान, श्याम कुमार, मोहम्मद हुसैन, अभिषेक कुमार, झूना, राजकुमार,ओम प्रकाश, मुन्नी देवी सहित अन्य कर्मचारियों ने डाॅ मिश्र के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अपने विचार व्यक्त किये.
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