Buxar Protest News(सुजीत कुमार ओझा): देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ छात्र-युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर उबलने लगा है. बक्सर जिले के डुमरांव में शनिवार को आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने नया थाना चौक पर इकट्ठा होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान उग्र छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर तत्काल इस्तीफे की मांग की. इस आंदोलन का संचालन आरवाईए नेता सुरेंद्र प्रसाद ने किया, जबकि अध्यक्षता अरविंद यादव और प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से की.
“रोजगार घट रहे हैं और पेपर लीक माफियाओं को मिल रहा संरक्षण”
विरोध सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए आरवाईए नेता एवं अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष बाबूलाल राम ने केंद्र की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश का युवा दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्र-युवाओं का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो रहा है. रोजगार के अवसर लगातार घटते जा रहे हैं और जो बची-कुची भर्तियां आती हैं, वे घोटालों की भेंट चढ़ जाती हैं. उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक कराने वाले बड़े माफियाओं को संरक्षण दे रही है.
देशभर में दो दिनों तक चलेगा महा-आंदोलन, माले नेताओं ने भी दिया समर्थन
| मुख्य मांग और एजेंडा | आंदोलन का राष्ट्रीय आह्वान | प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे |
| शिक्षा मंत्री का इस्तीफा | पेपर लीक और बदहाल शिक्षा व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें. | बाबूलाल राम (अध्यक्ष, अंबेडकर विचार मंच), सुरेंद्र प्रसाद, अरविंद यादव, प्रभात कुमार. |
| आर-पार की लड़ाई | आइसा और आरवाईए के आह्वान पर 6 और 7 जून को पूरे देश में पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन. | धर्मेंद्र यादव (राज्य कमेटी सदस्य, माले), धनई राम, सर्वेश कुमार पांडेय, रिंकू कुरैशी, बंटी पटेल. |
| दोषियों पर कड़ी कार्रवाई | भर्ती घोटालों पर रोक लगे और युवाओं को रोजगार सुरक्षा की गारंटी दी जाए. | कृष्णा राम, सुरेश यादव, जाबिर, शंकर तिवारी, भगवान दास एवं अन्य कार्यकर्ता. |
छात्र-युवा अब चुप नहीं बैठेंगे, दी गई उग्र आंदोलन की बड़ी चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं और छात्र नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की इस बदहाली पर देश का नौजवान अब खामोश नहीं बैठने वाला है. सरकार की दमनकारी और लचर नीतियों के खिलाफ छात्र संगठनों ने अब आर-पार की जंग का एलान कर दिया है.
आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन और केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस और सख्त ऐतिहासिक कार्रवाई नहीं होती, तब तक सड़कों से लेकर संसद तक यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा. पुतला दहन के दौरान नया थाना परिसर के पास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद दिखी. इस प्रदर्शन में भारी संख्या में स्थानीय छात्रों और माले समर्थकों ने हिस्सा लिया, जिससे कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर पूरी तरह ट्रैफिक थम गया था.
