Bihar News: (संतोष कांत) बक्सर के ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर में गंगा नदी पर बना पीपा पुल इन दिनों भारी दबाव और अवैध ओवरलोडिंग के कारण गंभीर संकट में है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बालू से लदे ओवरलोड ट्रैक्टरों के लगातार परिचालन से पुल का ढांचा बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है.
मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरे हालात
हाल ही में पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग द्वारा इसकी मरम्मत कराई गई थी. लेकिन मरम्मत के तुरंत बाद ही पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई, जिससे कुछ ही घंटों में स्थिति दोबारा खराब हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, क्योंकि ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है.
ओवरलोड ट्रैक्टरों से बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, बालू से लदे ट्रैक्टर निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक वजन लेकर पुल से गुजर रहे हैं. इससे पुल के पंटून और जोड़ कमजोर हो रहे हैं और लोहे की चादरें भी मुड़ गई हैं. स्थिति यह है कि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है.
जर्जर ढांचे से बढ़ी दुर्घटना की आशंका
लगातार दबाव के कारण पुल के पंटूनों के बीच गैप बढ़ता जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है. जानकारों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पुल का ढांचा बीच नदी में भी धंस सकता है.
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नाराजगी है. लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के बावजूद ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल पर सख्त निगरानी और ओवरलोड वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके.
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