बारिश ने नगर के लोगों के साथ ही किसानों को भी किया प्रभावित, फसलों पर पड़ेगा प्रभाव

जिले में बारिश के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही सब्जी के फसलों पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है.

बक्सर. जिले में बारिश के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही सब्जी के फसलों पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है. जिसके कारण नगर के लोगों के साथ ही किसानों की किसानी भी अपेक्षाकृत प्रभावित हुई है. नगर में सड़कों पर कीचड़ कायम हो गया हैै. इसके साथ ही आबादी के बीच में खाली जगहों पर पानी भर गया है. जिससे जल जमाव से होने वाली बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है. परेशानी नगर के हर वार्ड के लोगों में है लेकिन जासो रोड में स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. गोलंबर से जासेा रोड में काफी कीचड़ कायम हाे गया है. सड़क पर तालाब जैसा जल जमाव हो गया है. हालांकि खरीफ के तहत देर से होने वाले धान की फसलों के लिए लाभ देने वाली है. लेकिन सब्जी की फसल काफी प्रभावित हो गया है. इसके साथ ही बारिश के कारण पूरे दिन में संध्या जैसा गोधूली की तरह बना रहा. किसानों के धान के वैसे फसल जिसमें अभी बालियां नहीं आई है उसके लिए फायदा हुआ है. लेकिन कम समय वाली धान की फसलों में जिसमे बालियां निकल गई है उसके लिए परेशानी भरी है. इसके साथ ही सिंगल फसल उगाने वाले किसानों की खेती कुछ समय के लिए पिछड़ जायेगी. इसके साथ ही नीचले भागों की खेतों में पानी का जमाव होने से नमी देर से समाप्त होगी. जिससे किसानों की अगले सफल लगाने व बिजाई कराने में देर होगी. शनिवार को जिले में लगभग 65 एमएम बारिश हुई है.

नगर की बदल गयी है सूरत : नगर के विभिन्न भागों में जल जमाव की स्थिति कायम हो गई है. नगर के नव निर्मित जेल पईन रोड में भी थोेड़ी बारिश होने के बाद जल जमाव की स्थिति कायम हो रही है. इसके साथ नगर के वीर कुंवर सिंह मुहल्ला, चरित्रवन मुहल्ला, जेल रोड के साथ ही नगर के मेन रोड समेत अन्य सड़कों पर जल जमाव तथा कीचड़ कायम हो गया है. इसके साथ ही सर्वाधित परेशानी जासो रोड में जाने वाले लोगों को हो रही है. जहां जलजमाव के साथ ही कीचड़ कायम हो गया है.

सब्जी की फसल होगी प्रभावित : जिले में हो रही लगातार बारिश से लतर वाली सब्जी की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. पानी के कारण सब्जी का उत्पादन काफी कम हो जायेगा. पानी के कारण फूल एवं लतर पानी के लगातार पढ़ने से खराब होने लगे है. वहीं धान की फसलों को जिले में फायदा हुआ है. इसके साथ ही एकल फसल वाले खेतों में लगने वाले फसल की बिजाइ में कुछ समय की देरी होगी. बारिश अभी 8 अक्तूबर तक जिले में होने की संभावना मॉनसून विभाग ने जारी किया है.

अगले 8 अक्तूबर तक बना रहेगा मौसम : भारत मौसम विज्ञान के अनुसार मौसम का पूर्वानुमान इस प्रकार है. जिसे कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर द्वारा जारी किया गया है. जारी किये गये अपडेट के अनुसार 4 अक्टूबर को 65 एमएम, 5 अक्टूबर को 55 एमएम, 6 अक्टूबर को 13 एमएम, सात अक्तूबर को 3 एमएम एवं 8 अक्तूबर को 2 एमएम बारिश होने की संभावना जारी किया गया है. इसके साथ ही हवा की गति प्रतिदिन अगल-अलग बने रहने की संभावना जतायी गयी है. जिसमें तीन किलोमीटर से लेकर 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलेगी.

कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

भारी वर्षा, आंधी और बिजली तूफान के साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गयी है. मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए किसान भाइयों को कृषि वैज्ञानिक डॉ देवकरण ने सलाह दी है. जिसके तहत अरहर एवं मक्का की खड़ी फसलों एवं सब्जियों की नर्सरी में जमा हुए अधिक वर्षा जल के निकासी की व्यवस्था करें. आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए खड़ी फसलों में सिंचाई स्थगितत करें. खाद कीटनाशक का छिड़काव आसमान साफ रहने पर करें. दुधारू पशु को हरे चारे के साथ-साथ सूखा चारा बराबर अनुपात में खिलाए तथा 20 से 30 ग्राम खनिज मिश्रण एवं नमक प्रतिदिन दें.

आपदा प्रबंधन ने मौसम को लेकर किया ऑरेंज अलर्ट जारी : आपदा प्रबंधन विभाग बिहार सरकार और बिहार मौसम सेवा केन्द्र, पटना द्वारा बक्सर जिला अंतर्गत चार अक्टूबर से सात अक्तूबर तक भारी वर्षा, वज्रपात बिजली गिरना की संभावना का पूर्वानुमान जारी किया है. इस दौरान 30-50 km/h की गति से हवा के चलने का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में गंगा नदी एवं विभिन्न जल क्षेत्र में जलस्तर वृद्धि, जलजमाव, फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. जिला प्रशासन ने इसको लेकर आम लोगों से अपील किया है कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें. छोटे बच्चे को तालाब/पोखर/पईन/नहर में जल-क्रीड़ा एवं स्नान करने से रोकें. किसी पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर आधारभूत संरचना के नीचे शरण ना लें. तटबंध क्षेत्र के निचले हिस्से में बसे नागरिक ऊंचे स्थान पर रहें, तो बेहतर है. नदी, तालाब, नहर या किसी भी जल श्रोत से दूर रहें. खुले खेतों में वर्षा और वज्रपात के समय कृषि कार्य ना करें. पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें. खुले में ना बांधे. किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अंचलाधिकारी व स्थानीय थाने को तत्काल सूचना दें.

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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