बक्सर : बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए रविवार को शहर के रामरेखाघाट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया. शुभ मुहूर्त के कारण भीड़ इतनी बढ़ी की गंगा घाट से लेकर वहां जानेवाले रास्ता में तील रखने तक की जगह नहीं थी.
यही नहीं भीड़ के चलते शहर की सड़कें जाम से कराहने लगीं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गयी़ मुंडन कराने के लिए उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जनपद समेत सूबे के अन्य जिलों से भी लोग पहुंचे थे. बक्सर पहुंचने के तुरंत बाद श्रद्धालु उत्तरायणी गंगा में डुबकी लगाये तथा बच्चों का मुंडन कराकर उन्हें भी स्नान कराये. फिर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा मइया की पूजा-अर्चना करने के बाद नाव पर सवार होकर उस पार गये, जहां परंपरागत तरीके से गंगा मइया की आराधना करने के बाद रामरेखाघाट पर लौटे तथा साथ आये सगे-संबंधियों के बीच प्रसाद का वितरण कर खुद भोजन किये तथा उन्हें भी खिलाए.
रामरेखाघाट पर रहनेवाले पंडितों, नाविकों व उसके पास रहनेवाले व्यवसायियों की आमदनी बढ़ गयी थी़ पंडितों व नाइयों के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा़ आचार्यों के मुताबिक संतान की सलामती के लिए मुंडन संस्कार कराने का रिवाज है. इस संस्कार की रसमअदायगी से से बच्चों का जीवन सुखी व दीर्घायु होता है.
