बक्सर : चिलहरी गांव के पूरब टोला के संपन्न किसान चिंताहरण पांडेय के परदादा स्व. प्रो. लालबाबू पंडित ने करीब 150 वर्ष पूर्व इस मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण व जानकी की मूर्तियों को स्थापित किया था. परिजनों की आस्था व विश्वास ही कहा जाये कि बंगाल व झारखंड के कई शहरों में बसे परिवार के हर सदस्य शुभ काम करने से पहले इस मंदिर में मत्था टेकने जरूर पहुंचते हैं. चोरी की घटना सुन परिजनों के विश्वास पर गहरा ठेस पहुंचा है.
पहले भी मंदिरों से मूर्तियों की हुई है चोरी
बक्सर : चिलहरी गांव के पूरब टोला के संपन्न किसान चिंताहरण पांडेय के परदादा स्व. प्रो. लालबाबू पंडित ने करीब 150 वर्ष पूर्व इस मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण व जानकी की मूर्तियों को स्थापित किया था. परिजनों की आस्था व विश्वास ही कहा जाये कि बंगाल व झारखंड के कई शहरों में बसे परिवार […]

ताला का नहीं था पहरा : आस्था के कारण परिजन मंदिर के दरवाजे पर ताला का पहरा नहीं लगाते थे. केवल कुंडी के सहारे बेशकीमती मूर्तियों की रक्षा होती थी. शनिवार की रात हुई चोरी की घटना के बाद गांव में यह खबर आग की तरह फैल गयी. गांव में चर्चाओं का बाजार गरम है. परिजनों ने बताया कि मूर्तियों की लंबाई दो फुट व चौडाई एक फीट के करीब है.
150 वर्ष पूर्व हुई थी मंदिर की स्थापना
पुराने मूर्ति चोर तस्कर पुलिस के रडार पर
मंदिर की सुरक्षा को लेकर नहीं थे पुख्ता इंतजाम
मूर्तियों की लंबाई दो फुट व चौड़ाई एक फुट
घटना के बाद से गांववाले आक्रोशित