ब्रह्मपुर : रघुनाथपुर स्थित प्रगति इंस्टीट्यूट में गुरुवार को रामाधार तिवारी ‘आधार’ द्वारा अनुवादित पुस्तक ‘गीता द इंगलिश वर्सेस’ का विमोचन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो बलराज ठाकुर ने किया. मुख्य अतिथि प्रो उमाशंकर पांडेय थे. उन्होंने कहा कि गीता के उपदेशों को जीवन में उतारने की आज के परिवेश में बहुत ही आवश्यकता है. अगर गीता के उपदेशों को जीवन में उतार लिया जाये, तो समाज से वैमनस्यता अपराध ईर्ष्या-द्वेष सभी खत्म हो जायेंगे.
मौके पर रामेश्वर वर्मा, दीवाकर पांडेय, जगदीशचंद्र ओझा, डॉ धीरेंद्र पांडेय, प्रो श्याम जी मिश्र मंचासीन थे. शिक्षक चतुर्भुज प्रसाद, अशोक प्रसाद, विंध्याचल शाही व अमरदीप कुमार मुख्य रूप से सक्रिय भूमिका में थे. अतिथियों ने कहा कि शिक्षा साहित्य एवं संस्कृति को सहेजने के अभियान में कर्मयोग, ज्ञानयोग तथा भक्ति योग को छंदमुक्त अंगरेजी अनुवाद किया जाना अपने आप में गौरव का विषय है.
प्रो श्याम जी मिश्रा ने श्री तिवारी को कर्मयोगी की संज्ञा दी. प्रो दीवाकर पांडेय ने पुस्तक के अनुवादक को तुलसीदास व महर्षि व्यास के नाम से संबोधित किया. मौके पर प्रो गंगेश्वर पांडेय, डॉ चंद्रशेखर पाठक, रत्नेश ओझा राही समेत कई शिक्षाविद व समाजसेवी मौजूद थे.
