वारदात . तीन हत्याओं से दहला इलाका, घर के चिराग ने ही लगायी खुशियों में आग
राजस्थान से आने के बाद ही बदला सा रह रहा था विश्वंभर
बक्सर (प्रभात खबर टीम) : शनिवार की रात ब्रह्मपुर प्रखंड के पोखराहा पंचायत के बसंवर गांव निवासी हीरालाल पासवान के परिवार के लिए काल की रात बन कर आयी और परिवार के तीन लोगों को मौत की नींद सुला दी. जिसकी उम्मीद नहीं थी, वैसी घटना घटित हुई, जिसने भी यह दृश्य देखा उसके रुह कांप उठे. वासना के आग में जल रहे एक सिरफिरे देवर ने अपनी भाभी को हवस का शिकार बनाने के लिए ऐसी घिनौनी साजिश रची कि सुननेवाले भी सन रह गये.
दुर्गा का विरोध करना इतना महंगा पड़ा कि देवर विश्वंभर ने धारदार हथियार से मारकर दुर्गा समेत उसके दोनों बच्चों की हत्या कर दी. इस हत्या ने घरवालों के साथ-साथ इलाके को भी झकझोर कर रख दिया है. जब घर में ही ऐसे दानव बैठे हों, तो भरोस किस पर किया जाये. ग्रामीणों की मानें तो राजस्थान से आने के बाद विश्वंभर यह कह रहा था कि हम कुछ ऐसा काम करेंगे, जिससे मेरा नाम सुर्खियों में आ जायेगा. उस वक्त किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि विश्वंभर ऐसी घटिया सोच को मन में पाल रखा है.
चार माह की गर्भवती थी दुर्गा उर्फ दुर्गावती : दुर्गा को चार माह का गर्भ भी था. इस घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने सदर अस्पताल भेजा, जहां डीएस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित बनायी गयी . पोस्टमार्टम से यह पता चला कि दुर्गा चार माह की गर्भवती थी. इसके साथ ही पुलिस कई और बिंदुओं पर जांच कर रही है. ग्रामीणों ने बताया कि आरोपित देवर विश्वंभर इन दिनों नशे का भी सेवन कर रहा था. नशे के ही हालत में उसने इस तरह की घटना कों अंजाम दिया होगा.
बड़ी मां के पास सोने से बच गयी नंदनी की जान : घटना की रात हीरालाल पासवान की बेटी नंदनी अपनी बड़ी मां के पास सोयी हुई थी. इस वजह से नंदनी की जान बच गयी. शायद नंदनी भी अपनी मां दुर्गा के पास सोयी रहती, तो उसकी भी इहलीला समाप्त हो जाती. इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है. घटना के बाद से ही घर व गांव में कोहराम मचा हुआ है.
उठ भाई बिहान हो गइल, कभी मां के पास तो कभी छोटी बहन के पास : इस हादसे में बची हीरालाल पासवान की बेटी नंदनी कुमारी अमित से छोटी थी. वहीं, रेगिनी से एक साल बड़ी है. हत्या के बाद वो अपनी दादी के गोद से उतर कर अपने भाई अमित के शव के पास पहुंची, जहां उसने अपने तोतली आवाज में बोली उठ भाई बिहान हो गइल. इस बात को सुन ग्रामीणों की आंखें भर आयीं. नंदनी को तो यह भी पता नहीं है कि अब उसका भाई और मां तथा बहन कभी उठनेवाली नहीं है.
आरोपित को पकड़ने के लिए टीम बनायी गयी : इस हत्याकांड के बाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर थानाध्यक्ष डीएन सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया है. इसके साथ ही कांड से संबंधित कई तरह के निर्देश भी दिये हैं. गठित टीम द्वारा आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है. सुबह में ही पुलिस ने इलाके को सील कर दिया था. इसके साथ ही आसपास के थानों में आरोपित की तसवीर भी भेजी गयी है.
2005 में हुई थी दुर्गावती की हीरालाल से शादी : दुर्गावती की शादी हीरालाल से 2005 में हुई थी. हीरालाल गांव पर ही रहकर खेती-बाड़ी का काम करता है. जबकि विश्वंभर राजस्थान के भिलवाडा में फैक्टरी में कार्य करता था. परिवार एक में होने के चलते वह कमाई अपने भौजाई को देता था. धीरे-धीरे अब वह दुर्गावती से विवाह भी करना चाहता था. इसे लेकर वह कई बार दुर्गावती को अपने पति को छोड़ने की भी बात कहता रहा, लेकिन दुर्गावती का आचरण ठीक होने व लोक-लाज के डर से वह हर बार वह नजर अंदाज कर देती थी. उसकी यही बात उसके हत्या का कारण बन गयी.
मायके से लेकर ससुराल तक पसरा मातमी सन्नाटा : दुर्गावती का मायका ब्रह्मपुर के कपूरपुर गांव में है. सुबह इसकी सूचना जैसे ही उसके मायकेवालों को मिली वहां भी मातमी सन्नाटा पसर गया. परिजनों के ह्दय विदारक चीत्कार से पूरा महौल्ल गमगीन हो गया है. दुर्गा के मां और पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. इस घटना से हर कोई दुखी है.
ऐसे दिया घटना को अंजाम, जिससे दहल गया इलाका : थाना क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे वंसवर गांव में सभी लोग शनिवार की रात गहरी नींद में सोये हुए थे. हीरालाल का भी परिवार नींद के आगोश में था, लेकिन विश्वंभर के दिमाग में खूनी खेल चल रहा था. जैसे ही आधी रात हुई विश्वंभर ने मोबाइल चार्ज करने के बहाने अपने भाई का दरवाजा खटखटाया और दरवाजा खुलते ही दुर्गा के साथ जोर जबरदस्ती करने लगा. परिजनों का कहना है कि पहले से कोई विवाद नहीं होने के कारण हीरा ने दरवाजा खोला और लघुशंका करने चला गया. इसबीच हत्यारा विश्वंभर ने दरवाजा बंद किया. फिर सोये हालत में भाभी दुर्गावती देवी, पुत्र अमित पासवान और रेगिनी कुमारी की हत्या कर दी. बंद दरवाजे से चीख की आवाज सुनकर हीरा जब तक पहुंचता उसकी दुनिया उजड चुकी थी.
क्या कहते हैं डॉक्टर : चिकित्सक डॉ संजय कुमार ने बताया कि इस तरह की हत्या या जघन्य अपराध कोई आम आदमी नहीं कर सकता है. इस तरह की अपराध करनेवाले लोग नशे की हालत में घटनाओं को अंजाम देते हैं. ये किसी-न-किसी तरह से संर्किंण मानसिकता इनके अंदर होती है, जिसको पकड़ना मुश्किल होता है. मनोरोगी पहचान में आ जाते हैं. उन्होंने कहा कि हत्या के पहले आरोपित ने जरुर नशे का सेवन किया होगा .
जान की भीख मांगता रहा भतीजा अमित, पर नहीं बख्शा विश्वंभर
जैसे ही विश्वंभर शनिवार की मध्य रात अपने भाभी के कमरे में मोबाइल चार्ज करने के बहाने दाखिल हुआ, व दुर्गा पर अंतरंग संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा. विरोध करने के दौरान पास में ही सोये अमित की नींद टूट गयी. अपने पास चाचा को देख वह कुछ समझ नहीं पाया. फिर पास में ही रखे रामा से विश्वंभर ने उसकी आंखों के सामने ही उसकी मां दुर्गा पर तबातोड़ वार करने लगा. यह सब देख अमित अपने चाचा से जान की भीख मांगता रहा, लेकिन विश्वंभर के सिर पर पूरी तरह से खून सवार था और अमित की मां की हत्या करने के बाद उसी रामा से उसने अमित के सर पर वार कर दिया, जिसके बाद वह गिर गया. वहीं, उसकी बहन रेगिनी कुमारी की पैर से गला दबा कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद फरार हो गया. जब घरवाले और ग्रामीण अंदर दाखिल हुए, तो देखा कि अमित की सांसे चल रही हैं. आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी.
बरामद मोबाइल से खुलेगा हत्या के पीछे का राज
हत्या करने के बाद विश्वंभर अपना मोबाइल छोड़ कर फरार हो गया, जो पुलिस के हाथ लग गया है. रात में किसी का फोन भी आया है. पुलिस यह जांच करने में जुटी है हत्या के पीछे किसी के उसकावे का तो हाथ नहीं है. इसको लेकर पुलिस मोबाइल का सीडीआर निकालने में जुटी हुई है. सीडीआर निकलने के बाद जिस नंबर से रात में फोन आया है, उस व्यक्ति से पूछताछ करेगी. थानाध्यक्ष डीएन सिंह ने बताया कि मोबाइल का सीडीआर निकाला जा रहा है. इस घटना में किसी अन्य के उसकावें में आने से विश्वंभर ने इस घटना को अंजाम को नहीं दिया.
