सिमरी और केसठ में नाम मात्र की हुई खरीद

बक्सर : सरकार ने एक दिसंबर से ही बक्सर में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद शुरू कर दी थी. 31 मार्च तक धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था. इसके लिए जिले में 87 हजार 373.50 मीटरिक टन धान की खरीद की जानी थी, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले में […]

बक्सर : सरकार ने एक दिसंबर से ही बक्सर में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद शुरू कर दी थी. 31 मार्च तक धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था. इसके लिए जिले में 87 हजार 373.50 मीटरिक टन धान की खरीद की जानी थी, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले में महज 29 हजार 654.26 मीटरिक टन धान की खरीद की गयी. लक्ष्य से धान खरीद काफी पीछे है,

जिस कारण किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं. सिमरी, केसठ और चक्की ऐसे प्रखंड हैं, जहां पर सिर्फ नाम मात्र की ही धान की खरीद हो पायी है. जिलाधिकारी के लाख आदेश के बाद भी धान खरीद की गति जिले में काफी धीमी रही. इसी का नतीजा है कि महज 29 हजार मीटरिक टन ही धान की खरीद हो पायी. अब तक पैक्स व व्यापार मंडल से महज 30 राइस मिलों की टैगिंग ही हो सकी है.

लाख का किया गया भुगतान
धान खरीद के आंकड़े यह बताते हैं कि धान खरीद की गति जिले में काफी धीमी रही है. जिले के 2065 किसानों से धान की खरीद ही हो पायी है, जिन्हें 2390.97 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. वहीं, पैक्स को 1469.61 लाख रुपये भुगतान के लिए प्रतिवेदित किया गया था.
कारणों का पता लगाया जायेगा
धान खरीद की गति काफी धीमी रही है. इसके कारणों का पता किया जा रहा है. धान खरीद में लापरवाही बरतनेवाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. जिला प्रशासन की ओर से किसी तरह की कमी नहीं की गयी थी, लेकिन फिर भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ यह दुखद है.
अजय कुमार अलंकार, जिला सहकारिता पदाधिकारी

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