छठ मइया के गीतों से भक्तिमय हुआ वातावरण

बक्सर : लोक आस्था का महापर्व चैती छठ में आज व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ देंगे. शनिवार को व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया. सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के साथ ही यह व्रत संपन्न हो जायेगा. शनिवार को व्रतियों ने गंगा स्नान कर खरना का प्रसाद बनाने के लिए […]

बक्सर : लोक आस्था का महापर्व चैती छठ में आज व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ देंगे. शनिवार को व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया. सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के साथ ही यह व्रत संपन्न हो जायेगा. शनिवार को व्रतियों ने गंगा स्नान कर खरना का प्रसाद बनाने के लिए गंगा जल घर लायी. व्रतियों ने शाम में मिट‍्टी के चूल्हे पर रोटी और गुड़ में बने खीर का प्रसाद बनाया और ग्रहण किये. छठ पर्व को लेकर पूरा नगर छठ गीतों से भक्तिमय हो गया है.

छठ का प्रथम व सायमकालीन अर्घ आज रविवार चैत्र शुक्ल पक्ष षष्टी तिथि को दिया जायेगा. धार्मिक मान्यता को लेकर हजारों की संख्या में रामरेखा घाट पर गंगा में अर्घ देने के लिए श्रद्धालु बक्सर पहुंच गये हैं. रामरेखा घाट जानेवाली सड़क की दोनों तरफ छठ के प्रसाद बेचनेवाले दुकानदारों की दुकानें सज गयी हैं. जुटनेवाली भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक तैयारी भी पूर्ण कर ली गयी है. व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की गयी है.

फलों से सज गया है बाजार : चैती छठ में व्रती अर्घ फलों से ही देते हैं. चैत छठ में पुआ पकवान की परंपरा नहीं है. नौवीं तिथि को माता की पूजा होती है. उसके पहले पकवान नहीं बनाया जाता है. इसलिए प्राचीन काल से ही चैती छठ में अर्घ का संपादन फलों से किया जाता है. इसके कारण नगर की पीपी रोड एवं मॉडल थाना से रामरेखा घाट को जानेवाली सड़क फल एवं छठ के प्रसाद बेचनेवाले अस्थायी दुकानदारों से पट गया है.
गंगा घाटों पर सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम : छठ पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. अनुमंडलाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. रामरेखा घाट पर मजिस्ट्रेट के साथ-साथ पुलिस बलों को तैनात किया गया है. इसके अलावा गोताखोर, मेडिकल टीम तथा लाइटिंग की भी व्यवस्था की गयी है.
इसके साथ ही रेडक्रॉस के लोग भी रहेंगे. किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कंट्रोल रूम का गठन किया गया है.
व्रत करने से मिलता है फल
लोक आस्था के इस पर्व को करने से कई प्रकार के फल प्राप्त होते हैं. पंडित कृष्णानंद शास्त्री पौराणिक जी महाराज ने बताया कि इस पर्व को करनेवाले व्रती को आरोग्य, पुत्र, धन तथा भौतिक सुख प्राप्त होते हैं. इसके साथ ही सभी देवताओं ने भगवान सूर्य को इस दौरान अपना भी आशीर्वाद देने का अधिकार दे दिया है.

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