खुशखबरी . अब सुविधानुसार किसान कर सकेंगे सिंचाई, नहीं होगी परेशानी
एसडीओ और जेइ को सूची उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
बक्सर : आनेवाले दो वर्षों में जिले के किसानों की सिंचाई (पटवन) के लिए पंप सेट पर निर्भरता कम हो जायेगी. उन्हें बारिश का भी इंतजार नहीं करना होगा. धान की रोपाई हो या रबी फसल की पटवन. किसान अपनी सुविधानुसार मोटर चलाकर खेतों की सिंचाई कर सकेंगे. इसके लिए जिले में 11 केवी का 28 कृषि फीडर का निर्माण होना है. जिससे 350 किमी के कृषि भू-भाग में बिजली की सप्लाई होगी. कृषि फीडर में विद्युत आपूर्ति के लिए अलग से छह पावर सब स्टेशन बनेगा. छह प्रखंडों को चिह्नित किया गया है.
कार्य निविदा (टेंडर) के माध्यम से निर्माण एजेंसी को आवंटित किया गया है. दिसंबर 2018 तक इस कार्य को एजेंसी द्वारा पूरा किया जाना है. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए फिलहाल चार हजार किसानों को एग्रीकल्चर कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
सहायक और जूनियर इंजीनियर से मांगी गयी है सूची: फीडर के लिए विद्युत विभाग ने जिले के सभी सहायक और जूनियर इंजीनियर आपूर्ति से 11 केवी फीडर की सूची व रूट चार्ट की मांग की है. इसमें प्रखंड का नाम, पावर सब स्टेशन का नाम, प्रस्तावित कृषि फीडर की लंबाई, प्रस्तावित कृषि फीडर में ट्रांसफॉर्मर की संख्या और पूर्ण रूट चार्ट का विवरण शामिल है. इसे एक सप्ताह के अंदर प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता ने दो मार्च को पत्र जारी किया है.
छह प्रखंडों में बनेगा पीएसएस: कृषि फीडर तक विद्युत आपूर्ति के लिए जिले के छह प्रखंडों में सात जगह डुमरांव (काली मंदिर), बक्सर (इटाढ़ी रोड), ब्रह्मपुर (राधापोखर, नैनीजोर), चौसा (रामपुर, डेहरी), डुमरांव (अरियांव) और इटाढ़ी प्रखंड के वसुधर में पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य होगा. पावर सब स्टेशन के निर्माण को लेकर विद्युत कार्यपालक अभियंता (परियोजना) द्वारा संबंधित प्रखंड के सीओ को जमीन चिह्नित करने के लिए पत्र दिया गया है. पीएसएस फीडर के लिए सर्वे का काम चल रहा है.
लगाये जायेंगे 1720 ट्रांसफॉर्मर :
कृषि फीडर के लिए अलग से 1720 ट्रांसफॉर्मर लगाये जायेंगे. इसमें 682 ट्रांसफॉर्मर 63 केवीए के और 1038 ट्रांसफॉर्मर 25 केवीए के होंगे. इसमें 1100 सर्किट किमी में लगा एलटी लाइन पूरी तरह से कवर वायर (एबी केबलिंग) होगी. इससे बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और नंगे बिजली तार से होने वाले हादसों पर भी अंकुश लगेगा. योजना के तहत किसानों को प्री-पेड मीटर देने के प्रस्ताव पर विभागीय स्तर पर चर्चा हो रही है. किसानों को एग्रीकल्चर कनेक्शन के रूप में एक हजार रुपये प्रति एचपी सिक्युरिटी मनी, आवेदन फॉर्म का 200 रुपये और एस्टीमेट कॉस्ट के रूप में 900 रुपये देना होगा.
63 और 25 केवीए के लगाये जायेंगे 1720 ट्रांसफॉर्मर
फीडर निर्माण के लिए हो रहा है सर्वे
जिले में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 28 कृषि फीडर का निर्माण होना है. कार्य दिसंबर 2018 तक पूरा करना है. चिह्नित प्रखंडों में पीएसएस और फीडर निर्माण के लिए सर्वे का काम चल रहा है.
प्रवीण कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल बक्सर
