पहले फेज में खर्च होंगे 26 करोड़
बक्सर : नगर से गुजरनेवाली जीवनदायिनी गंगा के घाटों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया है. नमामि गंगे परियोजना के तहत शहर के सात घाटों को सुंदर बनाया जायेगा. इन घाटों पर बननेवाले प्लेटफॉर्म से गंगा की कलकल धारा का दिलकश नजारा दिखेगा. योजना रिवर फ्रंट व्यू के तहत नाथ बाबा घाट व गोला घाट तक के गंगा तट को एक-दूसरे से जोड़ दिया जायेगा. नक्शे के मुताबिक योजना पर निर्माण कार्य पूरा होने पर गंगा किनारे का नजारा काफी आकर्षक होगा.
योजना पूरी होने पर सुबह व शाम शहरवासियों को टहलने के लिए भी गंगा किनारा के रूप में एक नया विकल्प मिल जायेगा. घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, सेंसरयुक्त यूरिनल, फ्लश शौचालय, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर ट्रीटमेंट उपकरण, रात के अंधेरे में रोशनी के लिए चकाचक दुधिया लाइट की व्यवस्था होगी.
घाटों पर लगेंगी लाल टाइल्स : परियोजना के तहत कार्य एजेंसी ने पहले चरण में निर्माण के लिए सात घाटों का चयन किया है. इसमें नाथ बाबा घाट, रामरेखा घाट, जहाज घाट, सती घाट, गोला घाट, ताड़का नाला सहित पक्का घाट व शमशान घाट को रखा गया है. गंगा किनारे सीढ़ीनुमा घाट बनाये जायेंगे. इन घाटों पर बिना फिसलनवाली लाल टाइल्स लगायी जायेंगी, ताकि पानी के अंदर भी घाट देखने में परेशानी न हो. योजना में सभी घाट एक दूसरे से जुड़ जायेंगे, जिससे गंगा की लहरों से देखने में शहर की अप्रतिम छवि नजर आयेगी.
घाटों पर बनेंगे शौचालय व सेंसरयुक्त यूरिनल : नमामि गंगे परियोजना के तहत जिन घाटों को रिवर फ्रंट व्यू के लिए चयनित किया गया है. वहां सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद होंगी. महिलाओं को स्नान के बाद कपड़ा बदलने के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था, पेयजल की सुविधा, अलग-अलग शौचालय व सेंसरयुक्त यूरिनल की पूरी व्यवस्था रहेगी, जिससे घाट पर गंदगी न फैले.
शौचालय व सेंसरयुक्त यूरिनल के निर्माण से लोगों को काफी राहत मिलेगी. परियोजना के तहत पक्का घाट बनेंगे. उन पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए एलइडी बल्ब लगेंगे. गंगा तट पर योगा के लिए अलग से पार्क का निर्माण कराया जायेगा, जहां शहरवासी सुबह-शाम ताजी हवन में खुल कर सांस ले सकें.
