निर्देश . सर्वे प्रतिवेदन की सेविकाओं को देनी होगी सही जानकारी
सर्वव्यापीकरण के तहत सेक्टरवार सेविकाओं का चल रहा प्रशिक्षण
उपस्वास्थ्य केंद्र की बैठक में उपस्थिति दर्ज कराएं सेविकाएं
डुमरांव : सर्वे प्रतिवेदन की जानकारी सही नहीं देने पर आंनबाड़ी सेविकाओं पर गाज गिर सकती है. उक्त बातें बुधवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में चल रहे सर्वव्यापीकरण के तहत चल रहे प्रशिक्षण के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि जो प्रतिवेदन सेविकाओं को भरने के लिए दिया गया है. अगर उसमें त्रुटि पाये जाने पर उन पर कार्रवाई हो सकती है. इसलिए उपस्थित सेविकाओं को सर्वे प्रतिवेदन पर सही जानकारी दें.
20 फरवरी से दो बैच में चलनेवाला प्रशिक्षण का आज तीसरा दिन है, जिसमें सेक्टर तीन और चार की सेविकाएं उपस्थित रहीं.
प्रशिक्षण में कोरानसराय, कनझरूआं, मठिला, छतनवार, सोवां, नुआंव पंचायत की आंगनबाड़ी सेविका उपस्थित रहीं.
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि अन्न पराशन में दो माह से बड़े बच्चों को बुलाना है, तथा छह हजार रुपये गर्भवती को मिलने वाली राशि पहले एएनसी जांच तिमाही में होनी चाहिए, तभी राशि का भुगतान होगा. लेकिन अब तक विभाग ने कोई दिशा- निर्देश नहीं जारी किया है कि कब से भुगतान किया जाना है.
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित केयर इंडिया के पंकज कुमार मिश्र ने सेविकाओं से परिवार विवरणी सर्वे प्रारंभ करने की बात कही. उन्होंने सेविकाओं को अपने क्षेत्र के उपस्वास्थ्य केंद्र की बैठक में अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं. मंगलवार को प्रशिक्षण के दौरान नया भोजपुर, पुराना भोजपुर और चिलहरी पंचायत में पांच वार्ड में आंगनबाड़ी नहीं होने की बात सामने आयी. प्रशिक्षण में पद्मावती देवी, माधुरी सिंह, रेणु कुंवर, रागिनी सिंह, अमरून निशा सहित सेक्टर तीन और चार से जुड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं.
