अंतरजातीय विवाह कराना विजेंद्र की हत्या का कारण

कार्रवाई. मृतक के परिजन के बयान पर एफआइआर दर्ज बक्सर/ब्रह्मपुर/बगेनगोला : विजेंद्र की हत्या का राज अब धीरे-धीरे खुलने लगा है. मूंछ की लड़ाई में विजेंद्र की हत्या की गयी है. इस मामले में मृतक के परिजनों के बयान पर राहुल सिंह और रमण सिंह सहित तीन अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. […]

कार्रवाई. मृतक के परिजन के बयान पर एफआइआर दर्ज

बक्सर/ब्रह्मपुर/बगेनगोला : विजेंद्र की हत्या का राज अब धीरे-धीरे खुलने लगा है. मूंछ की लड़ाई में विजेंद्र की हत्या की गयी है. इस मामले में मृतक के परिजनों के बयान पर राहुल सिंह और रमण सिंह सहित तीन अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गजेंद्र राम को हिरासत में ले लिया है.
गजेंद्र के पास से बरामद मोबाइल से कई राज खुले हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि पूरी प्लानिंग के तहत विजेंद्र की हत्या की गयी है. फरार चल रहे हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है. कुख्यात विजेंद्र और हत्या में शामिल नामजदों के विरुद्ध थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. ब्रह्मपुर प्रखंड के रहथुवा गांव निवासी विजेंद्र यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी सहित दर्जनों मामले बक्सर और भोजपुर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं.
ब्रह्मपुर थाने में दर्ज हैं विजेंद्र पर कई मामले : ब्रह्मपुर थाना कांड संख्या 53 / 2003 धारा 396 में डकैती के दौरान हत्या और लूट का मामला दर्ज है. बताते चलें कि निमेज ग्राम के ब्रह्मपुर चौरास्ता स्थित मकान में दिनदहाड़े घुस कर विदेशी राइफल लूट लिया था, उस समय घर में पुरुष सदस्य नहीं थे.
विरोध कर रही घर की महिला को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, जिसमें विजेंद्र पर नामजद प्राथमिकी दर्ज है. साथ ही ब्रह्मपुर कांड संख्या 223/3, कांड संख्या 50/05, कांड संख्या 115/09,कांड संख्या 115/09, 04/15, कांड संख्या में डकैती, अपहरण, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं.
प्रतिष्ठा के लिए कर दी अपने ही बाप की हत्या : अपनी बहन के अंतरजातीय विवाह से नाखुश रमण सिंह हमेशा अपने माता-पिता को बहन से कोई संबंध नहीं रखने के लिए कहता था, लेकिन तब भी वह लोग चोरी छिपे बेटी से बात करते थे. हद तो तब हो गयी, जब रमण सिंह के मना करने के बाद भी लड़की को अपने यहां बुला लिया. यह घटना 22 अप्रैल 2015 की है. इस बात को लेकर घर में काफी विवाद हुआ और रमण ने गोली मार अपने पिता कामता सिंह की हत्या कर दी. इस संबंध में उसकी मां पुष्पा देवी द्वारा पुत्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया. बाद में पुष्पा देवी द्वारा केस उठा लिया गया और इस मामले में उसकी जमानत हो गयी.
जमानत पर आने के बाद नौ सितंबर को विजेंद्र यादव पर जानलेवा हमला किया, लेकिन उस समय वह बच गया था.
दो माह पहले जेल से छूट कर आये थे हत्यारोपित
जेल से ही हत्या का तानाबाना बुना गया था. इसके लिए उन लोगों को सिर्फ वैसे व्यक्ति की तलाश थी, जो उनका लाइनर बन सके. जैसे ही उनकी यह तलाश पूरी हुई हत्यारों ने घटना को अंजाम दे दिया. जानकारी के अनुसार राहुल सिंह की बहन बड़ी बहन की मई 2014 में हुई थी. उसी दौरान वह बक्सर निवासी संतोष यादव नामक लड़के के साथ शादी के दिन ही फरार हो गयी थी. दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसमें विजेंद्र यादव का कथित रूप से इन दोनों के भगाने में हाथ था, जिससे खफा होकर राहुल सिंह और रमण सिंह ने हत्या की नियत से नौ सितंबर 2015 को विजेंदर पर गोली चला दी. गोली बांह में लगी और वह संयोग से बच गया. इस केस में राहुल सिंह और अमर सिंह दोनों जेल में थे और दो माह पहले ही जेल से छूट कर आये थे.

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