बक्सर : दहेज हत्या के मामले में दोषी पाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश छह के उदय कुमार उपाध्याय ने धनंजय पाठक को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. इसके साथ ही सास बसंती देवी और ननद करिश्मा कुमारी को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी.
मिली जानकारी के अनुसार सिमरी थाने के रहनेवाले रिषिकेश ओझा ने अपनी बहन रानी कुमारी की शादी जून, 2013 में नियाजीपुर गांव के रहनेवाले सिदेश्वर पाठक के पुत्र धनंजय पाठक के साथ हिंदू रीति- रिवाज से की थी.
शादी के बाद से ही रानी कुमारी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा. ससुरालवालों ने दहेज में छह लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे. जब मांग पूरी नहीं हुई, तो रानी के साथ मारपीट करने लगे. इसके बाद 22 जुलाई, 2015 को रानी की हत्या कर शव को फेंक दिया गया. इसकी सूचना रानी के भाई ऋषिकेश को गांववालों ने दिया. सूचना मिलने के बाद वह बहन के घर गया, तो उसकी बहन घर नहीं मिला. तब जाकर रानी के भाई के बयान पर पति धनंजय पाठक, ससुर सिदेश्वर पाठक, सास वसंती देवी और ननद करिश्मा कुमारी के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज कराया गया.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट से सजा मिलने के बाद सभी अभियुक्तों को जेल भेज दिया.
