पहल. डुमरांव में लगेगा 16 से 17 जनवरी तक दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला
कृषि यंत्र.
बक्सर : डुमरांव में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले का आयोजन 16 और 17 जनवरी को किया जायेगा. मेला का आयोजन डुमरांव राज हाइस्कूल के परिसर में किया जायेगा. मेले में यंत्रों से संबंधित पैंतीस तरह के स्टॉल लगाये जायेंगे. उक्त बातें जिला कृषि पदाधिकारी रणवीर सिंह ने कहीं.
उन्होंने बताया कि पूर्व में मेले का प्रावधान जिला स्तर पर किया जाता था, जिसके अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2016-2017 में पूर्व से दो मेले का आयोजन किया गया था, जिसमें किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर ऑनलाइन आवेदन के विरुद्ध स्वीकृति उपरांत यंत्रों की खरीद की गयी. डायरेक्ट बेनेफीट ट्रांसफर (डीबीटी) लागू हो जाने से यंत्रों पर अनुदान की राशि हरहाल में लाभुकों के खाते में भेजी जानी है. उन्होंने बताया कि पूर्व में किसानों द्वारा खरीदे गये यंत्रों पर अनुदान के लिए सभी विपत्र कोषागार में भेज दिये गये हैं, जो इस महीने के अंत तक अनुदान की राशि लाभुक के खाते में भेज दी जायेगी.
मेले में धातु कोठिला से लेकर हार्वेस्टर तक यंत्रों का प्रदर्शन तथा ब्रिकी करने की योजना तैयार कर ली गयी है. साथ किसानों के खरीद के लिए कैशलेस प्रणाली का प्रयोग करते हुए यथासंभव यंत्र ब्रिकेता के काउंटर पर पीओएस(स्वायप मशीन) भी लगायी जायेगी, जहां किसान अपने एटीएम कार्ड के माध्यम से यंत्रों की खरीद कर सकेंगे. यही नहीं अगर किसान अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से युक्त खाता संख्या तथा एटीएम कार्ड लायेंगे, तो छोटे दुकानदार भी कैशलेस के माध्यम से भीम एप द्वारा भुगतान कर सकेंगे. प्रखंडवार आवेदकों द्वारा ऑनलाइन कराने बाद स्वीकृति-पत्र निर्गत किया गया है, जिसके ऑकड़े इस प्रकार हैं.
क्रम प्रखंड ऑनलाइन व स्वीकृत आवेदन
1 ब्रह्मपुर 211 45
2 बक्सर 331 55
3 चक्की 58 8
4 चौंगाई 132 17
5 चौसा 187 7
6 डुमरांव 172 48
7 इटाढ़ी 583 48
8 केसठ 44 12
9 नावानगर 184 8
10 राजपुर 833 128
11 सिमरी 235 74
में आई हेल्प यू की व्यवस्था
वर्तमान व्यवस्था में सभी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिसके कारण कृषकों को अभी भी इस प्रक्रिया को समझने में परेशानी हो रही है. इससे निजात हेतु ‘‘में आइ हेल्प यू’’ काउंटर अंतर्गत आवेदन की स्थिति से लेकर अन्य जिज्ञासु प्रश्न का जवाब किसानों को तकनीकी कर्मी माउस क्लिक कर बतायेंगे. प्रचार-प्रसार का जिम्मा आत्मा को दिया गया है.
परमिट वितरण पर डीएओ ने बताया कि इसका जिम्मा कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार के जिम्में है. उनको निर्देश दिया गया है कि निर्गत स्वीकृति पत्र को संबंधित किसानों के घर पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करते हुए प्रतिदिन की सूचना विभागीय वाट्सएप पर उपलब्ध करायेंगे.
