कार्रवाई. कोर्ट से सम्मन जारी होने के बाद भी गवाही देने नहीं पहुंचे थे रामकृष्ण सिंह
बक्सर, कोर्ट : कोर्ट का आदेश न मानना राजपुर के तत्कालीन एक दारोगा को महंगा पड़ गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने अपना फैसला सुनाते हुए उक्त दारोगा को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. कोर्ट से सम्मन जारी होने के बाद भी गवाही के लिए दारोगा न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद यह फैसला कोर्ट द्वारा सुनाया गया.
विदित हो कि उक्त मामला राजपुर कांड संख्या 276/12 से जुड़ा हुआ है. भूमि विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी थी. जिसके आइओ राम कृष्ण सिंह थे. मामले की जब सुनवाई शुरू की गयी, तो दारोगा को कोर्ट में गवाही देने के लिए बुलाया गया. कोर्ट ने उन्हें बार-बार गवाही देने के लिए सशरीर कोर्ट में उपस्थित होने का सम्मन जारी किया. इसके बावजूद कोर्ट के आदेश को दारोगा नजरअंदाज करते रहे. इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त दारोगा के विरुद्ध जमानतीय अधिपत्र जारी किया है.
कोर्ट द्वारा सुनाये गये इस फैसले के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप व्याप्त है. गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लंबित मामलों को त्वरित गति से निष्पादित करने के लिए बार-बार पूर्व में भी आदेश दिया गया है. लेकिन अभियोजन पक्ष की लापरवाही के कारण मामलों का निष्पादन होने में देरी होती है. इसको लेकर कोर्ट काफी संवेदनशील है. लापरवाही बरतने के कारण कोर्ट ने उक्त दारोगा रामकृष्ण सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है. बताते चलें कि विगत महीने में भी दारोगा के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया गया था.इसके साथ ही एक दूसरे मामले में लापरवाही बरतने के कारण कोर्ट ने पांच हजार रुपये वेतन से काटने का आदेश भी सुना चुका है.
जिला व सत्र न्यायाधीश ने दिया आदेश
बक्सर व्यवहार न्यायालय
