गुरुवार को स्कूल संचालकों के साथ अपने कार्यालय में बैठक करते एसडीओ.

चौसा : क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के चलते इन दिनों ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों का परिचालन बेरोक-टोक जारी है. आरा-चौसा, बक्सर-सासाराम व चौसा-मोहनिया मुख्य मार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से एक तरफ सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व की […]

चौसा : क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के चलते इन दिनों ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों का परिचालन बेरोक-टोक जारी है. आरा-चौसा, बक्सर-सासाराम व चौसा-मोहनिया मुख्य मार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से एक तरफ सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व की भारी क्षति भी पहुंच रही है. भारी वाहनों के बेधड़क परिचालन से कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. ऐसा भी नहीं की उक्त सड़कों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा ओवरलोडेड वाहनों की जांच नहीं की जाती, लेकिन जांच महज एक कोरम बनकर रह जाता है

और इंट्री माफियाओं की सक्रियता से सरकार को भारी चुना लग रहा है. बक्सर गंगा ब्रीज पर भारी वाहनों के परिचालन पर पाबंदी लगाने के बाद से ही ओवरलोडेड सैकड़ों वाहन प्रतिदिन चौसा यादव मोड के रास्ते कर्मनाशा नदी पुल पार कर उत्तर-प्रदेश में जा रहे हैं, जिससे कर्मनाशा नदी पुल भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगा है.ऐसा नहीं कि विभाग द्वारा ओवरलोडेड वाहनों की जांच नहीं की जाती, परंतु जैसे ही विभागीय पदाधिकारीयों का मार्ग पर आने की सूचना होती है सभी वाहन अखौरीपुर गोला से पहले सड़कों के किनारे खड़े हो जाते हैं. ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर अंकुश नहीं लगने के चलते प्रशासन के खिलाफ लोगों में काफी नाराजगी है. बताया जाता है कि ओवरलोडेड वाहनों को बार्डर पार कराने का असली खेल रात नौ बजे के बाद शुरू होता है, जो सुबह तक चलता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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